मैली गंगा-यमुना पर माननीयों के बहे आंसू
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देश की पवित्र नदियों गंगा और यमुना के गंदे नाले में तब्दील होने को लेकर सोमवार को राज्यसभा में सभी दलों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर दोनों नदियों को बचाने के लिए आवाज बुलंद की।
भाजपा ने जहां गंगा और यमुना को साफ करने के नाम पर हुए खर्च को लेकर केंद्र सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की तो सपा और बसपा ने यूपीए सरकार पर हरियाणा के हथिनी कुंड से यमुना में पर्याप्त पानी छोड़ने का पुरजोर दबाव बनाया।
सोमवार को यमुना और गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने की मांग को लेकर राज्यसभा में बहस हुई। भाजपा ने वादा किया कि वह नदियों को बचाने के काम में केंद्र सरकार का पूरा साथ देगी।
पार्टी नेता रविशंकर प्रसाद ने केंद्र सरकार से पूछा कि सरकार ने अभी तक यमुना और गंगा की सफाई के नाम पर कितना खर्च किया गया है और नदियों के किनारे हो रहे निर्माण कार्य पर पाबंदी लगाने की सरकार की क्या योजना है।
प्रसाद ने सरकार को सलाह दी कि वह पोलियो उन्मूलन अभियान की तर्ज पर नदियों को साफ करने का अभियान चलाए। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि दुनिया की सबसे गंदी और प्रदूषित नदियों की सूची में गंगा भी शामिल है।
भाजपा ने यमुना बचाओ आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को इस दिशा में बड़े कदम उठाकर आंदोलनकारियों की मांग माननी चाहिए। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का पूरा जोर हथिनी कुंड नदी से यमुना में पानी छोड़ने को लेकर रहा।
बसपा के एसपी सिंह बघेल ने गंगा और यमुना की सफाई की करोड़ों रुपये की परियोजनाओं में सीधे भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में शामिल अधिकारियों ने जमकर पैसा कमाया और उनकी पत्नियों ने आभूषण खरीद लिए। इस पर पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन ने ऐतराज किया।
बसपा ने कांग्रेस सांसद राम प्रकाश को घेरा। उन्होंने कहा कि हथिनी कुंड से पानी छोड़ने की बात तो कांग्रेस को करनी चाहिए थी। इससे पहले कांग्रेस के डॉ. राम प्रकाश ने यमुना के प्रदूषण के लिए दिल्ली से निकलने वाली गंदगी को जिम्मेदार बताया।
वहीं सपा के दशरथ सिंह यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश आते आते यमुना काली हो जाती है। उन्होंने याद दिलाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के साथ यमुना में पर्याप्त पानी छोड़ने का समझौता हुआ था। मगर उसका पालन नहीं हो रहा है।
वहीं भाजपा के अनिल माधव दवे ने कहा कि राजीव गांधी के नदियों को स्वच्छ बनाने के संकल्प को किसने लूट लिया। इसका कांग्रेस को जवाब देना चाहिए। अगर नदियों का प्रदूषण रोका नहीं गया तो देश में पानी का हाहाकार मच जाएगा।