गंदगी फैलाने वालों सावधान, अब होगी कड़ी कार्रवाई!
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गंदगी फैलाने वालों की अब खैर नहीं। सरकार सफाई अभियान की मुहिम छेड़ने के साथ-साथ गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती बरतने की तैयारी भी कर रही है।
शहरों में स्वच्छता अभियान के लक्ष्य को पाने के लिए ऐसे सख्त नियम बनाए जाएंगे, जिससे आम आदमी गंदगी फैलाने से तौबा करे।
इसके लिए राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों से विशेष आग्रह किया जाएगा। उन्हें गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माने से लेकर सार्वजनिक स्तर पर नामों का खुलासा करने जैसे कदम उठाने को भी कहा जाएगा।
वहीं शहरी विकास मंत्रालय ने घरों और सार्वजनिक स्थलों पर शौचालय निर्माण को तवज्जो देते हुए इसके लिए आर्थिक सहयोग देने का निर्णय भी लिया है।
शौचालय निर्माण पर 4 हजार रुपये की सहायता
शहरी विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया को हथियार बनाकर ऐसे लोगों को आड़े हाथ लेने का रास्ता अपने भाषण में दिखा चुके हैं।
इसलिए अब स्थानीय निकायों के लिए कड़े कदम उठाना आसान होगा।
उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण पर प्रत्येक परिवार को 4000 रुपये सहयोग देने का प्रस्ताव किया गया है। जबकि सामुदायिक शौचालय के निर्माण पर 40 फीसदी फंडिंग केंद्र सरकार करेगी।
देश के सभी शहरों में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण राज्य के सहयोग के बगैर केंद्र सरकार अपने कोष से करेगी। तो दूसरी ओर शहरों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए मंत्रालय की ओर से 20 फीसदी योगदान भी दिया जाएगा।
मंत्रालय करेगा 40 फीसदी फंडिंग
अधिकारी ने बताया कि इन कार्यों पर अगले पांच साल में करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक भविष्य में खर्च या योगदान राशि को बढ़ाया जाएगा।
शहरों की सफाई के लिए स्वच्छता अभियान के तहत मंत्रालय को कुल 62 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जबकि 2019 तक इस महत्वाकांक्षी योजना पर केंद्र की ओर से कुल दो लाख करोड़ रुपये खर्च किया जाना है।
स्थानीय स्तर पर स्वच्छता अभियान पर निगरानी के लिए विशेष समितियों का गठन किया जाएगा। वहीं इसके लिए कई प्रोत्साहन कार्यक्रम भी चलाने की योजना है।