दो बार चुनाव हार चुके प्रकाश झा का इस बार क्या होगा?
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पश्चिम चंपारण सीट से तीसरी बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे फिल्म निर्देशक प्रकाश झा को उम्मीद है कि इस बार वह बाजी जीत लेंगे। ‘गंगा जल’ ‘राजनीति’ और ‘सत्याग्रह’ जैसी सामाजिक और राजनीतिक सरोकार वाली फिल्में बनाने वाले दिग्गज फिल्म निर्देशक यहां भाजपा के मौजूदा सांसद संजय जायसवाल के खिलाफ खड़े हैं।
जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे झा समेत यहां 12 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि जायसवाल के अलावा 2004 में यहां से सांसद रहे चुके राष्ट्रीय जनता दल के रघुनाथ भी मजबूत उम्मीदवार हैं।
यहां 12 मई को मतदान होगा और 12.2 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा होने की उम्मीद है। पश्चिम चंपारण जिले के प्रशासनिक मुख्यालय बेतिया के रहने वाले प्रकाश झा को उम्मीद है कि वोटर नीतीश कुमार सरकार की ओर से पिछले आठ साल में किए गए विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्हें वोट देंगे।
झा को कितना मिल रहा है लोगों से समर्थन?
झा दो बार इस सीट से पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं। पहली बार 2004 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर खड़े थे। जबकि दूसरी बार 2009 में लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर। लेकिन दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि जनता दल (यू) के उम्मीदवार झा को यहां काफी जूझना होगा। जिले में कथित मोदी लहर दिखाई पड़ रही है। यहां तक कि झा के सजातीय सवा लाख ब्राह्मण वोटर भी भाजपा के समर्थन में दिखाई पड़ रहे हैं।
नीतीश कुमार, झा के समर्थन में कई रैलियां कर चुके हैं। बहरहाल, ऊंची जातियों के वोटरों के अलावा झा को डेढ़ लाख मुसलिम वोटरों के समर्थन की भी उम्मीद है।
इसके आलावा 1.30 लाख पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों के वोटरों का भी उन्हें समर्थन मिल सकता है। भाजपा उम्मीदवार जायसवाल के समर्थन में मथुरा से चुनाव लड़ रहीं ‘ड्रीम गर्ल’ हेमामालिनी और पीएम उम्मीदवार यहां रैली कर चुके हैं।