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गिरफ्त में आया '700 अरब का दावेदार', खुले गहरे राज

Thu, 11 Jun 2015 01:21 PM IST
Updated Thu, 11 Jun 2015 01:21 PM IST
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dinesh kumar das arrest in shriji temple case

विश्व प्रसिद्ध बरसाना के श्रीजी मंदिर और मंदिर से जुड़ी 700 अरब की संपत्तियों पर कब्जे के प्रयास के मामले में दिनेश कुमार दास सहित दस लोगों को पुलिस ने पकड़कर जेल भेजा है। पकड़े गए लोगों से पुलिस ने तीन तमंचे, सात बम और विस्फोटक सामग्री बरामद की है।

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इन शातिरों ने कोर्ट का फर्जी आदेश बनाकर मंदिर और उसकी संपत्तियों पर दावा किया था। मामले में मंदिर के सेवायतों को छह माह से डराया धमकाया जा रहा था। गोवर्धन के सोंख अड्डा निवासी दिनेश कुमार दास ने अपने पुरखों को मंदिर बनवाने वाले राजाओं का सेवक बताया था। उनका कहना था कि मंदिर और मंदिर से जुड़ी 700 अरब की संपत्ति पुरखों के नाम है।
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धमाके के जरिए दहशत फैलाकर श्रीजी के मंदिर में काबिज होने वालों की चाल बेनकाब करते हुए एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि इसके लिए दिनेश ने छाता तहसील की जेएम क्रिमिनल कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट से जारी किए आदेश में फर्जीवाड़ा कर उसने खुद के पक्ष में आदेश बना लिया। आदेश को आधार बनाकर वह पुलिस-प्रशासन को गुमराह करता रहा और मंदिर सेवायतों को डराता-धमकाता रहा।
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मामले में चार दिन पूर्व से कब्जे का प्रयास चल रहा था। इसे देखते हुए मंदिर में पीएसी तैनात कर दी गई थी। मंगलवार की शाम गोकुलेश कटारा और मंदिर रिसीवर कृष्ण मुरारी ने बरसाना पुलिस को तहरीर दी। इस पर पुलिस ने दिनेश कुमार दास और होमगार्ड ब्रिजेन्द्र सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों के कब्जे और निशानदेही पर पुलिस ने तीन तमंचे, 15 कारतूस और सात देशी बम बरामद किए हैं। पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम दिया गया है।

कोर्ट के आदेश को पूरी तरह बदल दिया

dinesh kumar das arrest in shriji temple case

न्यायिक मजिस्ट्रेट छाता ने 23 फरवरी को दिए आदेश में यह कहते हुए परिवाद को निरस्त कर दिया था कि अन्वेषण अधिकारी को वादी पक्ष कोई भी ऐसा साक्ष्य नहीं दे सका, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि दिनेश दास के पिता चिरंजीलाल कभी श्रीजी मंदिर में सेवायत रहे हों। उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन से मामला सिविल प्रकृति का प्रतीत होता है।

दिनेश दास ने इस आदेश में छेड़छाड़ कर कूट रचित दस्तावेज तैयार कराए। जिसमें अरबों की संपत्ति का मालिक दिनेश दास को बताया गया है। आदेश में चिरंजी लाल को राधारानी मंदिर का सेवायत दिखा दिया गया। भरतपुर के महाराज विश्वेन्द्र की फोन पर सहमति का उल्लेख भी आदेशों में दिखाया गया है। कूटरचित आदेश में 68 गोस्वामियों को अरेस्ट कर न्यायालय में पेश करने के निर्देश भी है।

ये गए सलाखों के पीछे
-दिनेश कुमार दास निवासी सौंख अड्डा गोवर्धन
-होमगार्ड ब्रजेन्द्र जाटव मोहल्ला बरसाना
-इतवारी निवासी गांव सुनहरा थाना कामां भरतपुर
-नहना निवासी गांव सुनहरा कामां भरतपुर
-बनै सिंह निवासी राम सुनहैरा कामा भरतपुर
-वासुदेव निवासी जाटव मोहल्ला बरसाना
-मुकेश निवासी जाटव मोहल्ला बरसाना
-मुकेश निवासी जाटव मोहल्ला मोहल्ला बरसाना
-नाहर सिंह निवासी जाटव मोहल्ला बरसाना
-विनोद निवासी जाटव मोहल्ला

'जालसाज का फर्जी आदेश, 68 लोगों को गिरफ्तार करे पुलिस'

dinesh kumar das arrest in shriji temple case

श्रीजी मंदिर को कब्जे का प्रयास करने के प्रमुख आरोपी दिनेश कुमार दास बरसाना के जाटव मोहल्ला निवासी होमगार्ड ब्रजेन्द्र से सलाह लेता था। पुलिस की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में दिनेश कुमार दास ने बताया कि एक व्यक्ति ने उसे गलत सलाह देकर फंसवा दिया।

सीओ छाता अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि दिनेश कुमार दास ने फरवरी माह में छाता जेएम क्रिमिनल कोर्ट का आदेश तैयार किया। उसमें लिखा कि श्रीजी मंदिर के 68 सेवायतों को छह घंटे में बरसाना पुलिस गिरफ्तार करे और दिनेश कुमार दास को श्रीजी मंदिर और मंदिर से जुड़ी अन्य सम्पत्तियों पर काबिज कराए। सीओ ने बताया कि ब्रजेन्द्र की सलाह के आधार पर ही वह खुद को मंदिर का मालिक बनने का ख्वाब सजा बैठा।

पुलिस दबिश में दिनेश कुमार दास का लैपटॉप बरामद किया गया है। सीओ छाता ने बताया कि दिनेश ने ब्रजेन्द्र से सलाह लेकर छाता के क्रिमिनल कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट द्वारा उसे मंदिर और अन्य सम्पत्तियों का स्वामित्व सौंपने, पुलिस को कब्जा कराने का आदेश आदि अपने लैपटॉप से टाइप किया।
उसने आदेश वाली लाइनों में अपने हिसाब से मैटर टाइप किया और दस्तखत को स्कैनर से स्कैन कर पेस्ट कर फर्जी आदेश बना लिया। यह काम उसने फरवरी माह में किया। इस आदेश को तत्कालीन थानाध्यक्ष बबलू सिंह वर्मा को दिखाकर पुलिस को गुमराह किया।

इसी तरह से उसने मई माह में बरसाना पुलिस के लिए मुख्यमंत्री के सचिव के स्कैन हुए दस्तखत वाली आदेश की कापी तैयार की और बरसाना पुलिस को कहा कि वह दिनेश कुमार को श्रीजी मंदिर सहित अन्य संपत्तियों पर कब्जा दिलाए। साथ ही कहा कि मंदिर पर दिनेश कुमार दास को काबिज न कराने पर उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया था। अगर अब बरसाना थानाध्यक्ष दिनेश कुमार दास को मंदिर पर काबिज नहीं कराते तो निलंबित किए जाएंगे। सीओ ने बताया कि इस तरह के कोर्ट और मुख्यमंत्री के सचिव की भाषा देख फर्जीवाड़े की बात समझ में आई। चार दिन से पुलिस उसके खिलाफ अन्य सबूत जुटा रही थी। पत्रकार वार्ता में एसडीएम छाता सुरेन्द्र सिंह भी मौजूद रहे।

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