दिग्गी भड़के, बोले शाहरुख से माफी मांगें मोदी
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को 'देशद्रोही' बताने पर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय की तीखी आलोचना की। विजवर्गीय के बयान की निंदा करते हुए दिग्जिवजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शाहरुख खान से व्यक्तिगत तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
दिग्विजय ने ट्विटर पर पूछा, ''भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 'शाहरुख खान देशद्रोही है?' क्या मोदी और अमित शाह उनकी राय का समर्थन करते है? क्या वे इसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे?"
दिग्विजय ने वित्तमंत्री अरुण जेटली की ओर सवाल उछालते हुए ट्वीट किया, ''अरुण जेटली जी, आप कैलाश विजयवर्गीय के बयान को कैसे परिभाषित करेंगे- ये सहिष्णुता है या असहिष्णुता?"
उल्लेखनीय है कि कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा था कि शाहरुख खान रहते भारत में हैं पर उनका मन सदा पाकिस्तान में रहता है। उनकी फिल्मों यहां करोड़ों कमाती है पर उन्हें भारत असहिष्णु नजर आता है। कैलाश के बयान पर विवाद खड़ा हो गया था। भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने भी बयान की निंदा की थी।
ट्वीट कर क्या कहा था कैलाश विजयवर्गीय ने
मुल्क में बढ़ रही असहनशीलता के विरोध में लेखकों, इतिहासकारों और फिल्मकारों की मुहिम का समर्थन करते हुए शाहरुख ने अपने 50वें जन्मदिन पर कहा था कि मुल्क तेजी से असहिष्णुता की ओर बढ रहा है। हालांकि पुरस्कार वापसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा था कि "मैं पुरस्कार लौटाने वालों का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं अपने पुरस्कार कभी नहीं लौटाऊंगा।''
शाहरुख के बयान के विरोध में कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार का एक के बाद एक पांच ट्वीट किया और कहा भारत मे असहिष्णुता का माहौल बनाना षडयंत्र का हिस्सा है। शाहरुख का 'असहिष्णुता का राग' पाक व भारत विरोधी ताकतों के सुर में सुर मिलाना है।
हालांकि विरोध के बाद बुधवार को उन्होंने अपना ट्वीट वापस ले लिया और कहा कि उनका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना कतई नहीं था।
आनंद शर्मा ने किया भाजपा पर हमला
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि शाहरुख खान ने मौजूदा हालात पर अपने विचार रखें हैं। और उन्हें अपने विचार स्वतंत्रतापूर्वक रखने का अधिकार है। भाजपा महासचिव ने शाहरुख की देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम पर सवाल उठाया है। ये बहुत ही निंदनीय है।
आनंद शर्मा ने कहा कि भारत के लोकतंत्र को ऐसी शक्तियों से खतरा है, जो ऐसी समानता की बात करते हैं जो हमारी बहुरंगी संस्कृति के अनुरूप नहीं है। शर्मा ने कहा कि भाजपा नेता, उनके सहयोगी संगठन, मुखपत्र, पत्रिकाएं भारतीय संविधान की प्रस्तावना पर हमला कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए शर्मा ने पूछा, 'क्या प्रधानमंत्री को अपने संवैधानिक जिम्मेदारियों की परवाह है। क्या सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी, जो गैरसंवैधानिक कार्य कर रहे हैं?