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'मंदिर में गा सकते हैं गुलाम अली तो मुंबई में क्यों नहीं'

Thu, 08 Oct 2015 03:10 PM IST
Updated Thu, 08 Oct 2015 03:10 PM IST
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Digvijay singh tweet on Gulam Ali, ask why not he sing in mumbai

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शिवसेना की आपत्ति पर पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली का कार्यक्रम रद्द करने की आलोचना की है। उन्होंने सवाल किया, "गुलाम अली जब बनारस के संकट मोचन मंदिर में गा सकते हैं तो मुंबई में क्यों नहीं?"

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शिवसेना ने मुंबई में इस शुक्रवार को उस्ताद गुलाम अली के प्रस्तावित संगीत कार्यक्रम को रोके जाने की धमकी दी थी। शिवसेना की इकाई 'चित्रपट सेना' के महासचिव अक्षय बर्दापुरकरने ने बीबीसी को बताया कि शिवसेना के विरोध के बाद आयोजकों ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से बुधवार शाम मुलाकात की।
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लगभग दो घंटे तक चली बैठक के बाद आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा कर दी। दिग्विजय ने ट्वीट किया, "शिवसेना भारतीय तालिबान बनना चाहती है।" उन्होंने कहा, "क्या शिवसेना हमारे धर्म की बनारस के ब्राह्मणों से बड़ी पहरेदार है? वो और भाजपा/संघ राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।"
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'नाराज नहीं, आहत हूँ'

Digvijay singh tweet on Gulam Ali, ask why not he sing in mumbai

उधर, पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली ने कहा है कि शिवसेना की धमकी के बाद मुंबई में कार्यक्रम रद्द होने से वह नाराज नहीं हैं, लेकिन आहत जरूर हैं। गुलाम अली ने समाचार चैनलों से कहा, "मैं नाराज नहीं हूं, लेकिन बेहद आहत हूँ। मुझे भारत में हमेशा प्यार मिला है।"

उन्होंने कहा, "ये कार्यक्रम गजल गायक जगजीत सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया गया था, जो कि मेरे लिए भाई की तरह थे।" गुलाम अली ने कहा, "इस तरह के विवाद संगीत के सुरों को खराब करते हैं।" इससे पहले, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने गुलाम अली को पूरी सुरक्षा देने का आश्वासन दिया था।

उन्होंने कहा था कि भारत के कलाकार भी पाकिस्तान जाकर कार्यक्रम करते हैं इसलिए कला और राजनीति को नहीं जोड़ना चाहिए। उनके आश्वासन के बावजूद आयोजकों ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया।

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