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दिग्गी बोले, मीनाक्षी सौ फीसदी टंच माल!

Fri, 26 Jul 2013 11:49 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 26 Jul 2013 11:49 PM IST
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digvijay singh again says something derogatory

अपने विवादित बयानों के लिए कुख्यात कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की जबान एक बार फिर फिसली है।

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इस बार वह अपनी ही पार्टी की महिला सांसद की तारीफ करते-करते कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर गए, जो बाद में उन्हें शर्मिंदा कर सकते हैं।

मंदसौर में आयोजित एक जनसभा में बोल रहे दिग्विजय सिंह ने वहां से कांग्रेसी सांसद मीनाक्षी नटराजन की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे थे।

लेकिन तारीफ करते हुए उन्होंने कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। दिग्गी ने मीनाक्षी को 'सौ टंच माल' बताया। हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने इस पर खूब तालियां पीटीं।

दिग्गी इससे पहले बटला हाउस एनकाउंटर पर भी विवादित बयान देते रहे हैं। गुरुवार को अदालत का फैसला आने के बावजूद उन्होंने साफ कर दिया कि वह इस मामले में माफी नहीं मांगेंगे और अपने बयान पर कायम रहेंगे।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने भी उन्हें बटला मामले में कोई बयानबाजी न करने की हिदायत दी है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री राघवजी के सेक्स स्कैंडल में फंसने के बाद दिग्गी ने 'बच्चा-बच्चा राम का, राघवजी के काम का' कहकर बवाल खड़ा का दिया था।

उनके इसी बयान को वजह बताकर विधानसभा में विपक्ष के उप नेता चौधरी राकेश सिंह इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे।

क्या कहा था
‘मीनाक्षी नटराजन गांधीवादी हैं, सरल हैं, ईमानदार हैं। सबके पास जाती हैं, गांव-गांव जाती हैं। मैं कल से इनके इलाके को देख रहा हूं। मुझे भी 40-42 सालों का अनुभव है। मैं भी पुराना जौहरी हूं। राजनीतिज्ञों को थोड़ी सी बात में ही पता चल जाता है कि कौन फर्जी है और कौन गलत। यह सौ फीसदी टंच माल हैं।.... इनका समर्थन कीजिये।’ --दिग्विजय सिंह
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बयान पर अड़े दिग्विजय
‘मैंने मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की। इसलिए मैं अपना बयान वापस नहीं लूंगा। जिन टीवी चैनलों ने मेरे बयान को गलत ढंग से पेश किया है, उनके खिलाफ मान हानि का दावा करूंगा।’--दिग्विजय सिंह

कांग्रेस का बचाव
‘यह सौ फीसदी टंच क्या होता है। मैंने आज तक नहीं सुना। किसी की तारीफ कर रहे होंगे तो इसमें आपको क्या परेशानी है। समझ में नहीं आता कि यह टिप्पणी महिलाओं के खिलाफ कैसे हो गई।’--रेणुका चौधरी, कांग्रेस प्रवक्ता

नटराजन ने किया बचाव
मीनाक्षी नटराजन ने भी दिग्विजय का बचाव करते हुए कहा कि उनके बयान में कुछ भी अभद्र नहीं था। उनके बयान को पूरे परिप्रेक्ष्य में देखना चाहिए, उन्होंने मेरे काम की तारीफ की।

विपक्ष का हमला
‘दिग्विजय अपना दिमागी संतुलन खो बैठे हैं, उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए।’--विनय कटियार, भाजपा नेता

‘हम मप्र में सरकार से अपील करेंगे कि वह जल्द से जल्द दिग्विजय को मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती कराएं।’--कैलाश विजयवर्गीय, मप्र में इंडस्ट्री मामलों के मंत्री

‘जिस पार्टी की सर्वेसर्वा एक महिला हैं, उसी पार्टी के वरिष्ठ नेता की ऐसी टिप्पणी बेहद निंदनीय है। दिग्विजय को मीनाक्षी से माफी मांगनी चाहिए। ऐसे नेताओं के कारण ही समाज में महिलाओं के खिलाफ संवेदनहीनता फैलता है। कांग्रेस को चाहिए कि वह एक कोड ऑफ कंडक्ट लागू करे।’--रंजना कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता

दिग्गी के जुबानी तीर
नवंबर, 2012: अरविंद केजरीवाल राखी सावंत जैसे हैं, दोनों एक्सपोज करते हैं।
जुलाई 2013: संघ बम बनाने की ट्रेनिंग देता है।
जुलाई 2013: मेरा अभी भी मानना है कि बटला हाउस एनकाउंटर फर्जी था।
जुलाई 2013: बच्चा बच्चा राम का, राघव जी के काम का।
अप्रैल, 2013: अपनी इमेज सुधारने के लिए मोदी पीआर फर्म का सहारा ले रहे हैं।
मार्च, 2013: सरकार में सत्ता के दो केंद्र का मॉडल सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।
मई, 2011: ओसामा जी पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान में रह रहे थे।
दिसंबर, 2010: आडवाणी ने सरकारी मीडिया में संघ की घुसपैठ कराई।

आधी आबादी पर अश्लील टिप्पणी:-
16 अप्रैल, 2013: भाभी जी कभी-कभी हमारे साथ भी चला करो, भइया के साथ तो रोज जाती हो। कभी देवर के साथ भी चली जाया करो।
--विजय शाह (मप्र के मंत्री द्वारा सीएम की पत्नी को लेकर लड़कियों के कार्यक्रम में की गई टिप्पणी)

16 अप्रैल, 2013: पहला-पहला जो मामला होता है, वह कभी कोई भूलता है क्या। बच्चे समझ गए होंगे, बड़े समझदार हैं।--विजय शाह (कार्यक्रम में बैठीं लड़कियों की तरफ इशारा करते हुए)

सितंबर 2012: नई-नई जीत और नई-नई शादी का अपना अलग महत्व होता है। जैसे-जैसे समय बीतेगा जीत पुरानी होती जाएगी, जैसे-जैसे समय बीतता है, पत्नी भी पुरानी हो जाती है, फिर वो मजा नहीं रहता है।--श्रीप्रकाश जायसवाल (कानुपर में एक कवि सम्मेलन के दौरान)


27 दिसंबर, 2012: छात्रों के नाम पर रैलियों में आने वाली सुंदर महिलाएं अत्यधिक सजी-धजी होती हैं। मुझे उनके वास्तव में छात्राएं होने पर संदेह होता है।--अभिजीत मुखर्जी, कांग्रेस सांसद (दिल्ली गैंगरेप घटना के बाद प्रदर्शन को लेकर की टिप्पणी)

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