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दिग्विजय ने केजरीवाल पर दागे 27 सवाल

Sat, 20 Oct 2012 11:29 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 20 Oct 2012 11:29 PM IST
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Digvijay questions offshore funding of Kejriwal NGO

यूपीए सरकार और कांग्रेस के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की बौछार करने वाले अरविंद केजरीवाल पर अब कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने 27 सवाल दागे हैं। उन्होंने केजरीवाल पर सरकारी नौकरी में रहते हुए नियमों के उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। साथ ही उनके एनजीओ द्वारा विदेशी चंदे का राजनीतिक इस्तेमाल और भाजपा से साठगांठ समेत सवाल भी किए हैं।

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दिग्विजय ने इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के मुख्य कर्ताधर्ता केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर ये सवाल पूछे है। जबकि केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस अब बौखला गई है और उन पर आरोप लगा रही है।
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शनिवार को दिग्विजय ने केजरीवाल की नीयत पर वार करते हुए सवाल किया कि क्या यह सच है कि 20 साल की नौकरी में आपकी पोस्टिंग दिल्ली से बाहर नहीं हुई। जबकि नियमानुसार राजस्व सेवा के अधिकारी को एक जगह सिर्फ तीन साल के लिए ही पोस्टिंग दी जाती है।
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उन्होंने पूछा कि क्या आपकी पत्नी का भी ट्रांसफर कभी दिल्ली से बाहर नहीं हुआ। दिग्विजय ने यह जानना भी चाहा कि अपनी स्टडी लीव के अध्ययन की रिपोर्ट केजरीवाल ने सरकार को क्यों नहीं दी? दिग्विजय के सवालों की सूची में यह भी है: क्या आपका तबादला एक बार चंडीगढ़ हुआ था। आप नहीं गए और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने की कोशिश की। क्या सरकारी नौकरी करते हुए एनजीओ बनाने की अनुमति ली गई थी।

केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए दिग्विजय ने कहा कि क्या यह सच है कि आपसे संबंधित एनजीओ कबीर ने फोर्ड फाउंडेशन से करोड़ों रुपए लिए। क्या विदेशी पैसे का इस्तेमाल भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में खर्च हुआ। क्या आपने सरकारी नौकरी करते हुए विदेशी संस्था से पैसे लेने की इजाजत ली थी। आपने दानदाताओं की जानकारी वेबसाइट पर क्यों नहीं दी।

क्या यह सच है कि आप दो करोड़ का चेक लेकर अन्ना हजारे के पास गए थे। मगर उन्होंने इसे लेने इनकार कर दिया था। क्योंकि अन्ना का मानना था कि पैसे तो इससे ज्यादा इकट्ठे हुए थे। आपकी कोर कमेटी के सदस्य ने आप पर 20 करोड़ रुपए के घपले का आरोप लगाया है। आपने इसका जवाब क्यों नहीं दिया है।

दिग्विजय सिंह ने आगे पूछा है कि अमेरिका के एनजीओ आवाज के साथ आपका क्या रिश्ता है। क्या यह सच है कि आपने इंडिया अंगेस्ट करप्शन को मिले पैसे को खुद के एनजीओ ‘परिवर्तन’ में जमा कर दिया है। दिग्विजय सिंह ने केजरीवाल से भाजपा और खासकर नरेंद्र मोदी से उनके संबंधों को लेकर भी सवाल दागे है। दिग्विजय ने पूछा है कि वह गुजरात की मोदी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में क्यों मौन है?

दिग्विजय के सवाल
-1. क्या नौकरी में रहते हुए एनजीओ बनाने और विदेशी संस्था से धन लेने की अनुमति ली थी?
-2. भाजपा शासित राज्यों के भ्रष्टाचार को क्यों नहीं उठाते? गुजरात में लोकायुक्त नियुक्त नहीं किया गया लेकिन आप क्यों चुप हैं?
-3. क्या आप दो करोड़ का चेक लेकर अन्ना हजारे के पास गए थे। मगर उन्होंने लेने इनकार किया क्योंकि उनका मानना था कि ज्यादा धन जमा हुआ?
-4. आपका अमेरिका स्थित ‘आवाज’ संगठन से क्या संबंध है जो लीबिया, ट्यूनीशिया, मिस्र और सीरिया में सरकार विरोधी आंदोलनों को मदद दे रहा है। आवाज से किस तरह की मदद ली?

जनता तय करेगी कि सवालों के जवाब दें या नहीं: आईएसी
आईएसी ने कहा है कि केजरीवाल द्वारा कांग्रेस, भाजपा और एनसीपी के खिलाफ लगाए भ्रष्टाचार के आरोपों से जनता का ध्यान बंटाने के लिए दिग्विजय सिंह ने सवाल उछाले हैं। आईएसी के मनीष सिसौदिया ने कहा कि ये सवाल पहले प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय ने भी उठाए थे और तब इनका जवाब दे दिया गया था। इस संबंध में सारी जांच भी हो चुकी है। वैसे indiaagainstcorruption.org वेबसाइट पर दिग्विजय सिंह के सारे सवालों के जवाब मौजूद हैं। अब जनता तय करेगी कि हमें उनके सवालों के जवाब देने चाहिए या नहीं।

एनएसी में शामिल होने के लिए कभी सिफारिश नहीं किया
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह दिग्विजय सिंह के खत को जवाब देने लायक नहीं समझते क्योंकि वह (दिग्विजय) कुछ भी बोल सकते हैं। हालांकि उन्होंने इस आरोप को बेबुनियाद बताया कि वह स्वयं कभी राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) में शामिल होने के लिए सिंह के पास सिफारिश लेकर गए थे।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस बौखला गई है और इसलिए झूठ का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा, ‘एनएसी के सदस्यों को केवल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ चाय पीने का मौका मिलता है और उन्हें श्रीमती गांधी के साथ बैठकर चाय पीने की कोई इच्छा कभी नहीं रही।’

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