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'भरपेट मजाक' से बिगड़ा हाजमा, अब सफाई का चूरन

Sat, 27 Jul 2013 06:22 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 27 Jul 2013 06:22 PM IST
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digvijay criticize planning commission after sibbal

गरीबी की परिभाषा पर अपने बड़बोले नेताओं के बयानों के कारण मुश्किल में घिरी कांग्रेस ने अब डैमेज कंट्रोल की कोशिश शुरू कर दी है। सरकार और संगठन में शामिल नेता इससे हुए राजनीतिक नुकसान की भरपाई में जुट गए हैं।

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केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल के बाद अब कांग्रेस महासविच दिग्विजय सिंह ने भी गरीबी का आकलन करने के योजना आयोग के तरीके की आलोचना की है।

दिग्विजय सिंह ने आज ट्विटर पर लिखा कि वह हमेशा योजना आयोग के गरीबी निर्धारित करने के मापदंडों को समझने में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी इलाकों के लिए समान नहीं हो सकता।
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उन्होंने परिवार में कुपोषण ओर खून की कमी को गरीबी तय करने का एक तरीका बताया।

कांग्रेस महासचिव ने लिखा है कि परिवार में कुपोषण और खून की कमी गरीबी की पहली निशानी है और इससे गरीबी आसानी से मापी जा सकती है। क्या हम इस आधार पर गरीबी का निर्धारण नहीं कर सकते।
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दिग्विजय का यह बयान कपिल सिब्बल के योजना आयोग के गरीबी तय करने के मापदंड की आलोचना के बाद आया है।

हालांकि अचानक आई इस आलोचना को कांग्रेस नेता रशीद मसूद और राज बब्बर के पांच और 12 रुपए में खाने मिलने के विवादस्पद बयान के बाद कांग्रेस की छवि सुधारने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

कपिल सिब्बल ने भी की आलोचना
इससे पहले कपिल सिब्बल ने कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान योजना आयोग के गरीबी तय करने के मपदंड को चुनौती थी।

सिब्ब्ल ने कहा कि पांच लोगों का परिवार 5,000 रुपये मासिक की आय में गुजार नहीं कर सकता। अगर योजना आयोग ने कहा है कि 5,000 रुपए से अधिक की आय पर गुजारा करने वाला परिवार गरीब नहीं है तो योजना आयोग की गरीबी की परिभाषा में जरूर कोई गलती है। कोई 5000 रुपए में कैसे रह सकता है?

इस हफ्ते योजना आयोग ने देश में गरीबी के आंकड़े जारी किए थे। इसमें गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में कमी आने की बात कही गई थी। आकड़ों के अनुसार गरीबी की संख्या साल 2007-05 के 37.2 के मुकाबले साल 2011-12 में 21.9 बताई गई थी। विपक्ष की ओर से भी योजना आयोग के आंकड़ो की निंदा की गई थी।

विवादित बयान से फंसी कांग्रेस
इसके बाद योजना आयोग के आंकड़ों के सवाल पर कांग्रेसे नेता रशीद मसूद और राज बब्बर विवादास्पद बयान देकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दीं।

रशीद मसूद ने कहा था कि कोई भी व्यक्ति दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में जाकर 5 रुपए में खाना खा सकता है। उन्होंने कहा, 'मैं खुद कई बार ऐसा कर चुका हूं।' कांग्रेस प्रवक्ता राजबब्बर ने कहा था कि मुंबई में कहीं भी 12 रुपए में अच्छा खाना मिल सकता है।


दोनों नेताओं के बयानों से कांग्रेस की बहुत किरकिरी हुई और उसके बाद से छवि सुधारने का दौर शुरू हो गया है। बयान पर बवाल के बाद राजबब्बर को माफी मांगनी पड़ी थी। दिग्विजय और कपिल सिब्बल के बयान को भी इसी कड़ी से जोड़ कर देखा जा रहा है।

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