'सोना नहीं, हथियारों के लिए हो रही खुदाई'

अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 25 Oct 2013 08:39 AM IST
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digging in unnao for arms not for gold

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पूरा देश भले ही उन्नाव से एक हजार टन सोना मिलने का सपना पाल रहा है, मगर केंद्रीय संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमारी कटोच का कहना है कि भारतीय पुरातत्व विभाग सोने के लिए खुदाई नहीं कर रहा है बल्कि उन्हें 1857 के विद्रोह के दौरान उपयोग किए गए हथियारों की तलाश है।
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पुरातत्व विभाग पिछले एक सप्ताह से उन्नाव के डौंडिया खेड़ा गांव में करीब डेढ़ मीटर खुदाई कर चुका है। लेकिन सोने के खजाने का पता अभी नहीं चल पाया है।
शोभन सरकार बाबा के सपने के तहत विभाग द्वारा खुदाई किए जाने के आरोप पर कटोच ने कहा कि सरकार ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वे यानी जीएसआई की रिपोर्ट के आधार पर खुदाई शुरू की। उसने भूमि के अंदर मिश्र धातु के होने के संकेत दिए हैं।
कटोच ने कहा कि वर्तमान में सरकार पूरे देश में 148 विभिन्न जगहों में खुदाई कार्य कर रही है। आखिर लोग उन्नाव की खुदाई पर ही शोभन सरकार के सपने को लेकर टिप्पणी और आरोप क्यों लगा रहे हैं।

कटोच ने कहा कि लोगों को लगता है कि सरकार यहां शोभन बाबा के सपने के तहत ही खुदाई कार्य करा रही है। हमने गत 1 अक्तूबर से खुदाई शुरू कराई है। विभाग ने डौंडिया खेड़ा में 18 अक्तूबर को खुदाई शुरू की है। अब आदमी खुदाई को लेकर किसी भी तरह की धारणा बना सकता है।

डौंडिया खेड़ा में खुदाई के बाद 1000 टन सोना मिलने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा, 'खुदाई के बाद मिश्रित धातु कुछ भी हो सकती है। मैं यह नहीं कह सकती हूं कि वह धातु सोना, चांदी या इस्पात ही होगी। बंदूक या मूर्तियां भी जमीन के नीचे दबी हो सकती हैं। हम विद्रोह के हथियारों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे हथियार हमारे संग्रहालय में अभी नहीं हैं। हम 1857 के विद्रोह संबंधी वस्तुओं का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।'
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