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गुजरात चुनाव: मोदी के गढ़ में सेंध लगाना मुश्किल
अहमदाबाद/समीर शर्मा
Updated Sun, 16 Dec 2012 09:47 AM IST
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मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का गढ़ माने जाने वाली मणिनगर सीट में सेंध लगाना मुश्किल लग रहा है। पिछले चुनाव में इस सीट पर मोदी का मुकाबला दिनसा पटेल से था।
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इस समय केंद्र में मंत्री पटेल को तब 87 हजार मतों से हार का मुंह देखना पड़ा था।
इस बार कांग्रेस ने राजनीतिक का पहला अनुभव ले रही चर्चित निलंबित आईपीएस की पत्नी श्वेता भट्ट को मोदी के खिलाफ उतारा
श्वेता के समर्थन में जीपीपी ने इस सीट से अपना उम्मीदवार भी हटा लिया है। श्वेता क्षेत्र में पानी, सफाई जैसे मुद्दों पर मोदी को घेरने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन मोदी के राजनीतिक कद के आगे वे ठहर नहीं पा रही हैं।
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मणिनगर के हीरो हैं मोदी
मणिनगर विधानसभा क्षेत्र के लोग मोदी को हीरो की तरह देख रहे हैं। यहां मतदाताओं का उत्साह देख कर ऐसा लगता है कि वे मुख्यमंत्री बनकर ही केंद्र की राजनीति में कदम बढ़ाएंगे।
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यहां मतदाता उनकी जीत के प्रति आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं। अन्य पार्टियों को वोट देने की बात करने वाले मतदाता भी मोदी जीती पक्की मान रहे हैं।
थोड़ा नाराज है सिंधी समाज
नरोदा पाटिया में हुए दंगों को लेकर वहां की विधायक व मंत्री माया कोडनानी को सजा होने से सिंधी समुदाय भाजपा से थोड़ा नाराज लग रहा है।
वैसे राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सिंधी समाज भले ही नाराज हो, लेकिन वह हमेशा भाजपा के साथ खड़ा रहा है।
सिंधी व्यापारी मानते हैं कि राजनीति में हर आदमी को राजी नहीं किया जा सकता है, लेकिन अमन-शांति के कारण सभी वर्ग के लोगों का व्यापार ठीक चल रहा है और इसका श्रेय भाजपा सरकार को जाता है।
मणिनगर पर एक नजर
कुल मतदाता - 227982
2007 की स्थिति
मतदान हुआ - 61 फीसदी
मोदी की जीत का अंतर - 87000
2002 की स्थिति
मतदान हुआ - 50 प्रतिशत
मोदी की जीत का अंतर - 75000