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मरीज घर में ही कर सकेंगे डायलिसिस
वाराणसी/ब्यूरो
Updated Sat, 01 Dec 2012 10:27 AM IST
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मुंबई आईआईटी के वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे आने वाले दिनों में किडनी की डायलिसिस अस्पताल के बजाय घर में ही हो सकेगी। जहां तक इसकी कीमत की बात है तो अभी यह तय नहीं किया गया है, लेकिन निर्माण कंपनियों पर दबाव बनाया जाएगा ताकि आम आदमी को ध्यान में रखते हुए इसकी कीमत निर्धारित की जा सके।
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वैसे वैज्ञानिकों द्वारा रक्त शुद्धीकरण के लिए विकसित नैनो कंपोजिट पोली सल्फान तकनीक का इस्तेमाल अस्पतालों में होने लगा है। इससे अब किडनी की बीमारी की डायलिसिस तीन-चार घंटे के बजाय मात्र एक घंटे में ही हो जाएगी।
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मुंबई आईआईटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. जयेश आर बेलारे के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम ने तीन साल पूर्व त्वरित डायलिसिस पर शोध कार्य शुरू किया था। वैज्ञानिकों ने नैनो कंपोजिट पोली सल्फान तैयार किया। यह प्लास्टिक की ट्यूब है जिसमें छोटे-छोटे नैनो पार्टिकल होते हैं। ये रक्त शुद्धीकरण की प्रक्रिया को तेज करने में सहायक है।
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यह शोध पूरा होने के बाद वैज्ञानिकों ने ऐटहोम मशीन की डिजायन तैयार की जो छोटी होने के कारण कहीं भी उठाकर ले जाई जा सकती है। बीएचयू में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के सम्मेलन में भाग लेने आए डॉ. जायेश आर बेलारे ने बताया कि दो-तीन सालों में यह मशीन बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। इसके बाद लोग इसका इस्तेमाल घरों में भी करने लगेंगे।