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चमत्कारी खोज: अब डायबिटीज से लड़ेगी 'हर्बल कॉफी'

Sat, 28 Mar 2015 12:15 PM IST
जयनारायण सिंह यादव/अमर उजाला, वाराणसी
जयनारायण सिंह यादव/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 28 Mar 2015 12:15 PM IST
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diabetes herbal coffee bhu.

बीएचयू में आयुर्वेदिक औषधियों से एक ऐसी दवा तैयार की गई है जिससे मधुमेह रोगियों को राहत मिलेगी। चार औषधियों को मिलाकर बनाए गए लोधाद्रि कसाय को ‘हर्बल कॉफी’ नाम दिया गया है। मधुमेह रोगी अपने मर्ज को बढ़ने से रोकने के लिए घर में अथवा यात्रा के दौरान भी चाय-कॉफी की तलब लगने पर गुनगुने पानी के साथ इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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क्लीनिकल ट्रायल के बाद अब बीएचयू के आयुर्वेद अस्पताल में मधुमेह से पीड़ित मरीजों को हर्बल कॉफी का पाउच मुफ्त दिया जा रहा है। रोगियों पर इसका परिणाम भी बेहतर देखने को मिला है। इससे बीएचयू के डॉक्टर उत्साहित हैं।
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इस शोध को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित होने के लिए भेजा जाएगा।

चाय या कॉफी के बदले कीजिए इस दवा का सेवन

diabetes herbal coffee bhu.

16वीं शताब्दी में दक्षिण भारत के वल्लभाचार्य ने ‘वैद्य चिंतामणि’ और नीलकंठ बसवराज ने ‘बसवराइजम’ आयुर्वेद ग्रंथ में औषधियों से मधुमेह को ठीक करने का जिक्र किया गया है। आयुर्वेद संकाय के प्रो. केआरसी रेड्डी ने अध्ययन के बाद इस दवा को खोज निकाला है। प्रो. रेड्डी के निर्देशन में शोध कर रहे छात्र वरुण कुमार सिंह ने लोध्र, हरितकी (हर्रे), मुश्ता (नागर मोथा) और कटफल (कायफल) की छाल से पहले टैबलेट बनाया। इसके क्लीनिकल ट्रायल के बाद 50 मरीजों पर सफल टेस्ट किया गया। अब इस टैबलेट का पाउडर बनाया गया है। इसका रंग भी काफी की तरह ही है।

इसका उद्देश्य है कि चाय या काफी की तलब लगने पर मधुमेह रोगी इसे गुनगुने पानी में डालकर या फिर मधु (शहद) में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। दो ग्राम का पैकेट बनाया गया है। यह दवा मधुमेह के साथ ही लीवर की कार्यप्रणाली को भी दुरुस्त रखता है।

बीएचयू आयुर्वेद संकाय के प्रो. केआरसी रेड्डी मधुमेह रोगियों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। आयुर्वेद की यह दवा इस रोग के लिए बहुत कारगर है। अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों को दिया जा रहा है। इससे मधुमेह पीड़ितों को काफी फायदा हुआ है। जल्द ही अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित होने के लिए भेजा जाएगा। ताकि इस दवा को बाजार में लाया जा सके।

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