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धोनी पर चल रहे मुकदमे पर रोक, सुप्रीम कोर्ट से राहत

Tue, 15 Sep 2015 08:29 AM IST
Updated Tue, 15 Sep 2015 08:29 AM IST
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Dhoni relief from the Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को राहत देते हुए बंगलूरू में उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे पर रोक लगा दी है। धोनी पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मुकदमा चल रहा है।

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न्यायमूर्ति पिनाकी चंद घोष की अध्यक्षता वाली पीठ ने धोनी की याचिका पर शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। पीठ ने इस मामले को अरुण पुरी के मामले के साथ टैग कर दिया है।
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इसी मामले में अरुण पुरी ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया था। धोनी ने बंगलूरू हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे को निरस्त करने से इनकार कर दिया गया था।
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यह सारा विवाद 14 मई 2013 को तब शुरू हुआ जब बिजनेस टुडे मैगजीन के कवर पेज पर धोनी को भगवान विष्णु के रूप में दिखाया गया था।

इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में धोनी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की शिकायत दर्ज हुई। इनमें कहा गया कि धोनी ने हिंदू धर्म का अपमान किया है।

हालांकि अधिकतर जगहों पर दायर मुकदमों को निरस्त कर दिया गया। लेकिन बंगलूरू के एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुकदमा शुरू कर दिया था।

जिस पर धोनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमे को निरस्त करने की गुहार लगाई थी लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

धोनी ने बंगलूरू हाईकोर्ट के फैसले को दी है चुनौती

Dhoni relief from the Supreme Court

अपनी याचिका में धोनी ने मुकदमे को निरस्त करने के कई आधार दिए हैं। इसमें कहा गया है कि संबंधित सरकार से इजाजत लिए बिना उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-259ए (जानबूझ कर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना) के तहत मुकदमा नहीं चल सकता।

इस मामले में अनुमति नहीं ली गई। धोनी का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी उनकी फोटो को इस तरह से पेश किया जाएगा।

साथ ही धोनी ने कहा है कि न तो उन्होंने इस तरह की फोटो खिंचवाई थी और न ही इस तरह की फोटो छापने से पहले उनकी अनुमति ली गई।

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