सबसे पहले कूदे माही, लगाई एकदम परफेक्ट छलांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक्सिलेंट जंप, परफेक्ट बेलेंस एंड स्मार्ट फिनिश... यह रिएक्शन था महेंद्र सिंह धोनी के तुरंत बाद हवाई जहाज से कूदे पैराट्रूपर ग्रुप में शामिल सैन्य अधिकारियों का।
इनके अलावा मलपुरा पैराड्रॉपिंग जोन में मौजूद सिपाही से लेकर ब्रिगेडियर तक यह देखकर दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर हो गए कि कैप्टन कूल ने अपनी जिंदगी की पहली पैराजंपिंग में जरा सी भी गलती नहीं की। माही ने सबसे पहले छलांग लगाई और तमाम पैराट्रूपर में उनकी जंप सबसे परफेक्ट रही।
पैराजंपिंग ट्रेनिंग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि धोनी को जब मानसिक रूप से तैयार किया जा रहा था, तब उन्होंने कई ऐसे निर्णय लिए, जो चौंकाने वाले थे। सब सोच रहे थे कि धोनी कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पहले प्लान यह बना था कि उनसे पहले एक पैराट्रूपर हवाई जहाज से कूदेगा, ताकि उसे देखकर उन्हें आसानी हो।
लेकिन माही ने कहा कि इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। उनकी तैयारी देखकर इंस्ट्रक्टर को भी यकीन हो गया कि माही सबसे पहले जंप लगा सकते हैं। दूसरा डर था कि उनके उतरने को लेकर।
खतरा इसलिए बढ़ गया क्योंकि मैदान गीला था। आमतौर पर पैराजंपिंग से पहले ग्राउंड की ट्रैक्टर से जुताई कराई जाती है। गीले मैदान पर उतरते समय पैर फिसलने का खतरा रहता है। इसके बावजूद धोनी का संतुलन इतना शानदार था कि उतरते समय एकदम सीधे रहे।
पैराजंपिंग लाइव
- 5.45 बजे : आर्मी ने पूरा पैरा ड्रापिंग जोन घेर लिया।
- 6.0 बजे : आस पास के गांवों से लोग पहुंचना शुरू।
- 6.30 बजे : आसमान में जहाज मंडराता नजर आया।
- 6.45 बजे : जहाज ने एक और चक्कर लगा दिया।
- 7.10 बजे : जोन के पास जहाज कुछ धीमा हुआ।
- 7.12 बजे : धोनी ने पैराशूट लेकर छलांग लगा दी।
- 7.13 बजे : धोनी जमीन पर पहुंच सीधे खड़े हो गए।
- 7.14 बजे : एक और पैराट्रूपर ने छलांग लगाई।
- 7.16 बजे : एक साथ 12 पैराट्रूपर जहाज से कूदे।
- 7.18 बजे : फिर से 12 पैराट्रूपर का ग्रुप कूद पड़ा।
- 7.20 बजे : 12 पैराट्रूपर के तीसरे ग्रुप ने छलांग लगाई।
- 7.30 बजे : धोनी जिप्सी में बैठ ट्रेनिंग स्कूल चल दिए।
रात की बारिश ने कराई देरी
धोनी की पैराजंपिंग का समय तय था सुबह 6.30 बजे। जहाज सही समय पर पहुंच गया। लेकिन मौसम साफ नहीं था। रात में बारिश हुई थी, इसलिए मैदान गीला था। पैराजंपिंग के लिए मैदान सूखा होना चाहिए। इसके चलते जहाज ने थोड़ी देर हवा में चक्कर लगाए। इसकेबाद छलांग हुई।
पहली पैराजंपिंग के बाद धोनी फिर से ट्रेनिंग स्कूल पहुंच गए। उन्होंने गुरुवार की जंप के लिए खुद को तैयार किया है। उन्हें बताया गया कि जंप चाहें पहली हो या 50वीं, हर बार तमाम एहतियात बरतना जरूरी होता है। उनकी सुरक्षा में रहने वाला पैराट्रूपर ग्रुप भी ट्रेनिंग में साथ रहा।
धोनी की पहली जंप को लेकर कुछ संशय था, क्योंकि मौसम ठीक नहीं था। लेकिन गुरुवार को दो जंप होनी है। पहली सुबह और दूसरी दोपहर को। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। इस भीड़ को संभालना बड़ी चुनौती होगी।