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माही ने लेफ्टिनेंट कर्नल का फर्ज भी निभाया, जानिए कैसे

Fri, 21 Aug 2015 08:21 AM IST
Updated Fri, 21 Aug 2015 08:21 AM IST
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dhoni also fulfilled the duties of leftinent karnal

पैराजंपिंग ट्रेनिंग के दौरान कैप्टन कूल ने सिर्फ पैराशूट के साथ हवाई जहाज से छलांग लगाना नहीं सीखा, बल्कि आनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल का फर्ज भी निभाया है। माही ने कर्तव्य के लिए समर्पित सैनिक की तरह आर्मी के एक मिशन को नई रफ्तार दी है। ‘सेना की पहुंच’ नाम से मध्य कमान का यह अभियान है स्कूली बच्चों में आर्मी ज्वाइन करने का जज्बा जगाने का।

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एमएस 14 दिनों में हजारों स्कूली बच्चों और एनसीसी कैडेट्स से न केवल दिल खोलकर मिले, बल्कि उन्हें सेना में जाने के लिए प्रेरित भी किया। माही रोजाना अपने कई घंटे इसी मिशन को दे रहे हैं।
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महेंद्र सिंह धोनी छह अगस्त को आगरा आए थे। इसके अगले दिन से उन्होंने स्कूलों में जाकर बच्चों से मुलाकात शुरू कर दी। कैंट एरिया के कई स्कूलों के अलावा एनसीसी कैडेट्स को अलग से समय दिया। सभी जगह उनका फोकस बच्चों में आर्मी ज्वाइन करने का जज्बा जगाने पर रहा।

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बच्चों संग खिंचवाए फोटो, दिए ऑटोग्राफ

dhoni also fulfilled the duties of leftinent karnal

एनसीसी कैडेट्स को यह बताना नहीं भूले कि वे खुद भी कैडेट रहे हैं। उन्हें सलाह दी कि उनके जीवन का मकसद आर्मी ऑफिसर बनना होना चाहिए। उन्हें प्रेरित करने के लिए कहा, टीम इंडिया का कैप्टन बनने से बड़ी बात सेना की यूनिफार्म पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना है।

दरअसल, धोनी की पैराजंपिंग ट्रेनिंग उस समय हो रही है जब स्कूलों में मध्य कमान का सेना की पहुंच मिशन चल रहा है। आगरा में भी आर्मी अधिकारी स्कूल-स्कूल जाकर बच्चों को सेना की खूबियां बता रहे हैं। कैप्टन कूल ने लेफ्टिनेंट कर्नल की यूनिफार्म में ही बच्चों के साथ फोटो खिंचवाए, उन्हें ऑटोग्राफ दिए और ढेर सारी बातें की।

मध्य कमान का ‘सेना की पहुंच’ मिशन सात राज्यों में चल रहा है। ये हैं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओड़ीसा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश। इसमें सेना के अधिकारी स्कूलों में जा रहे हैं। इनमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं।

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