स्वदेशी तकनीक से बने 'धनुष' ने जीता सेना का दिल
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आर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर में स्वदेशी तकनीक से विकसित ‘धनुष तोप’ सेना की हर कसौटी पर खरी उतरी है। इसके बाद सेना ने फैक्ट्री को 414 तोपें बनाने का ऑर्डर दिया है।
पहले चरण में फैक्ट्री 114 तोप बनाकर देगी। इसके साथ ही धनुष के उन्नत संस्करण को तैयार करने पर भी काम शुरू कर दिया गया है। महानिदेशक एवं अध्यक्ष आयुध निर्माणी बोर्ड कोलकाता सोमेंद्र यमदग्नि ने बृहस्पतिवार को फैक्ट्री में तैयार की गई तोप की नई बैरल के फ्लैग ऑफ के बाद यह जानकारी दी।
महानिदेशक ने बताया कि धनुष देश के हर नागरिक को समर्पित है। यह गर्व महसूस करने का क्षण है। इसे मेक इन इंडिया, फॉर इंडिया, बाई इंडियन कहना ज्यादा प्रेरक होगा। मौजूदा समय में देश के सामने कई रक्षा चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों को ध्यान में रखकर ही रक्षा उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
414 धनुष तोप बनाने का आर्डर दिया
महानिदेशक एवं अध्यक्ष आयुध निर्माणी बोर्ड कोलकाता सोमेंद्र यमदग्नि ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए आर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर को 650 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है जो अब तक का सर्वाधिक है। धनुष रक्षा क्षेत्र में देश के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही रक्षा फैक्ट्रियों में इलेक्ट्रानिक फ्यूज तैयार किए जाएंगे। अभी मैकेनिकल फ्यूज ही तैयार किए जाते थे।
उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में 25 करोड़ रुपये से ऑटोमेटिक स्वेजिंग प्लांट तैयार किया गया है। इससे 105-125 एमएम कैलिबर वाले 950 शेलों (गोलों) की प्रतिदिन नोजिंग की जा सकती है।
धनुष एक नजर में
- बैरल का वजन 2692 किलो
- बैरल की लंबाई आठ मीटर
- रेंज 42-45 किलोमीटर
- दो फायर प्रति मिनट में
- लगातार दो घंटे तक फायर करने में सक्षम
- फिट होने वाले गोले का वजन 46.5 किलो
- माइनस तीन डिग्री सेल्सियस से लेकर 75 डिग्री सेल्सियस तापमान पर मार करने में सक्षम