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नेताजी के 'उड़नखटोले' पर चुनाव आयोग की नजर
टीम डिजिटल/अमर उजाला।
Updated Tue, 25 Mar 2014 12:15 PM IST
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चुनावी सीजन में नेताजी अब उड़नखटोले यानी हेलीकॉप्टर का मनमाना इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। चुनाव आयोग नेताओं की अंधाधुंध हेलीकॉप्टर यात्रा पर नजर रखेगा। इसके लिए डीजीसीए ने हेलीकॉप्टर किराए पर देने वाली कंपनियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
चुनावी सीजन में आमतौर पर बड़े नेता धड़ल्ले से हेलीकॉप्टर और छोटे एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए देश भर में किराए पर विमान देने वाली कई कंपनियां चुनावी सीजन में व्यस्त रहती हैं। चुनावी प्रचार के लिए उड़नखटोले के उपयोग के दौरान कई नियमों का उल्लंघन होता है, उस पर चुनाव आयोग की नजर है।
डीजीसीएन ने कहा है कि चुनाव खत्म होने तक ऑपरेटरों को हरेक उड़ान की जानकारी चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को भेजनी अनिवार्य होगी। दूसरी तरफ उड़ान के घंटों की निगरानी सीधे डीजीसीए की ओर से की जाएगी।
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डीजीसीए की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार, सुरक्षा मानकों को पूरा करने के अलावा ऑपरेटर और फ्लाइट क्रू को सुनिश्चित करना होगा कि हेलीकॉप्टर में कोई अवैध हथियार, कैश या नशीली वस्तुएं न हों। चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने वाले प्लेन और हेलीकॉप्टर की सुरक्षा और आपात लैंडिंग के बारे में डीजीसीए ने विस्तृत दिशानिर्देश दिए हैं। इनमें कोताही बरतने पर उड़ान का लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
डीजीसीए ने अस्थायी तौर पर बने हेलीपैड पर खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। तय समय के 45 मिनट के भीतर लैंडिंग ने होने की स्थिति में ऑपरेटर को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
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चुनावी सीजन में आमतौर पर बड़े नेता धड़ल्ले से हेलीकॉप्टर और छोटे एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए देश भर में किराए पर विमान देने वाली कई कंपनियां चुनावी सीजन में व्यस्त रहती हैं। चुनावी प्रचार के लिए उड़नखटोले के उपयोग के दौरान कई नियमों का उल्लंघन होता है, उस पर चुनाव आयोग की नजर है।
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डीजीसीएन ने कहा है कि चुनाव खत्म होने तक ऑपरेटरों को हरेक उड़ान की जानकारी चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को भेजनी अनिवार्य होगी। दूसरी तरफ उड़ान के घंटों की निगरानी सीधे डीजीसीए की ओर से की जाएगी।
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डीजीसीए की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार, सुरक्षा मानकों को पूरा करने के अलावा ऑपरेटर और फ्लाइट क्रू को सुनिश्चित करना होगा कि हेलीकॉप्टर में कोई अवैध हथियार, कैश या नशीली वस्तुएं न हों। चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने वाले प्लेन और हेलीकॉप्टर की सुरक्षा और आपात लैंडिंग के बारे में डीजीसीए ने विस्तृत दिशानिर्देश दिए हैं। इनमें कोताही बरतने पर उड़ान का लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
डीजीसीए ने अस्थायी तौर पर बने हेलीपैड पर खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। तय समय के 45 मिनट के भीतर लैंडिंग ने होने की स्थिति में ऑपरेटर को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।