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'5 साल जो कहा गुजरात सरकार ने वो किया हमने'

Wed, 18 Feb 2015 04:38 PM IST
Updated Wed, 18 Feb 2015 04:38 PM IST
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dg vanzara released from after eight years sabarmati jail

गुजरात के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा आठ साल बाद मंगलवार को साबरमती जेल से रिहा हो गए। जेल से रिहा होने के बाद वंजारा ने कहा कि अपना फर्ज़ निभाने की वजह से उन्हें आठ साल तक जेल में रहना पड़ा। एक संवाददाता सम्मेलन में वंजारा ने कहा, ''अगर पुलिस ने कार्रवाई न की होती, तो आज गुजरात देश का दूसरा कश्मीर बन गया होता।''

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उन्होंने कहा कि सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस पर राजनीतिक करणों से कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट

अहमदाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने पांच फ़रवरी को इशरतजहां फर्ज़ी मुठभेड़ मामले में गुजरात के डीजी वंजारा को ज़मानत दी थी। गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि इशरत जहां और उनके साथी तत्कालीन मुख्यमंत्री की हत्या के लिए आए थे।
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एनकाउंटर स्पेशलिस्ट माने जाने वाले डीजी वंजारा 1987 बैच के गुजरात काडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वे पहले क्राइम ब्रांच में थे और बाद में गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) के मुखिया रहे। उसके बाद पाकिस्तान सीमा से लगी बॉर्डर रेंज के आईजी रहे।
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वे 2002 से 2005 तक अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस थे। उनकी इस पोस्टिंग के दौरान क़रीब 20 लोगों का एनकाउंटर हुआ। बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में पता चला कि ये एनकाउंटर फ़र्ज़ी थे। अभी तक ये माना जाता रहा था कि वे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे क़रीबी पुलिस अधिकारी हैं।

इशरतजहां केस

dg vanzara released from after eight years sabarmati jail

वंजारा को 2007 में गुजरात सीआईडी ने सोहराबुद्दीन शेख फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में गिरफ़्तार किया था। उन पर अभी आठ लोगों की हत्या का आरोप है, जिनमें सोहराबुद्दीन, उसकी पत्नी कौसर बी, तुलसीराम प्रजापति, सादिक जमाल, इशरत और उसके साथ मारे गए तीन अन्य लोग शामिल हैं।

इनके एनकाउंटर के बाद क्राइम ब्रांच ने सफ़ाई दी थी कि ये सभी पाकिस्तानी चरमपंथी थे और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की जान लेना चाहते थे। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने जब सोहराबुद्दीन केस को ट्रायल के लिए गुजरात से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया, तब से वंजारा मुंबई और अहमदाबाद जेल के बीच घूमते रहे।

माना जा रहा है कि मुंबई जेल में रहने के कारण वंजारा काफ़ी निराश हो गए और इस कारण उन्होंने इस्तीफ़ा दिया।

वंजारा ने मारा तीर!

dg vanzara released from after eight years sabarmati jail

वंजारा ने मोदी और पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह पर पुलिस तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। गुजरात सरकार को वंजारा ने जेल के भीतर 2013 में अपना इस्तीफ़ा भेजा जिससे सरकार ने नामंज़ूर कर दिया।

वंजारा ने 10 पन्नों के अपने इस्तीफ़े में कहा कि मोदी सरकार को मुंबई की तलोजा जेल या अहमदाबाद की साबरमती जेल में होना चाहिए। वंजारा ने मोदी और पूर्व गृह राज्यमंत्री अमित शाह पर पुलिस तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।

इस्तीफ़े में वंजारा ने लिखा था, "इसलिए मैं एकदम साफ़ और स्पष्ट शब्दों में कहना चाहूंगा कि 2002 से 2007 के बीच क्राइम ब्रांच, एटीएस और बॉर्डर रेंज ने वही किया जो इस सरकार की नीति थी। हम लोग तो फ़ील्ड ऑफ़िसर होने के नाते सिर्फ़ उस नीति को अंजाम दे रहे थे।"

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