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श्रद्धालुओं ने भगदड़ के लिए प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
पटना/एजेंसी
Updated Wed, 21 Nov 2012 01:03 AM IST
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सूर्योपासना का महापर्व छठ समाप्त हो गया है, लेकिन श्रद्धालु अदालत घाट पर मची भगदड़ के सदमे से अब तक उबर नहीं पाए हैं। गंगा किनारे सोमवार को मची भगदड़ में 17 लोगों की मौत हो गई थी। छठ श्रद्धालुओं ने इस हादसे के लिए जिला प्रशासन की बदइंतजामी को जिम्मेदार ठहराया है। मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही सूर्योपासना का महापर्व छठ समाप्त हो गया।
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राजधानी पटना में गंगा नदी के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में लाखों महिला और पुरुष व्रतधारियों ने उगते हुए सूर्य को नदियों और तालाबों में खड़े होकर अर्घ्य अर्पित किया। औरंगाबाद जिले के देव में स्थित त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की और व्रतधारियों ने सूर्य कुंड में अर्घ्य अर्पित किया।
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सोमवार को मची भगदड़ के बारे में श्रद्धालु प्रेम कुमार का मानना है कि बड़ी संख्या में आ रहे लोगों के लिए इंतजाम नाकाफी थे। अगर प्रशासन लापरवाही नहीं बरतता तो यह दुखद हादसा नहीं होता। अपने परिवार के साथ सूर्य को जल अर्पित करने आए भोजपुर जिले के जयप्रकाश भारती ने कहा कि अदालत घाट और बाहरी सड़क के बीच रास्ता बेहद संकरा था, इसी कारण भगदड़ मची। अगले साल से इस रास्ते को चौड़ा किया जाना चाहिए। हादसे के कारण मंगलवार सुबह अदालत घाट पर सन्नाटा पसरा रहा। एक बुजुर्ग महिला नीता देवी ने घटना के लिए अनुचित सुरक्षा प्रबंधों को दोषी ठहराया।
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मुंबई में सादगी से मनाया गया छठ पर्व
महानगर मुंबई में इस बार सूर्योपासना का महान पर्व छठ बहुत ही सादगी से मनाया गया। दो दिन पहले बाला साहब के निधन के कारण पिछले वर्ष की तरह न तो कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, न ही किसी भी पार्टी की ओर से झंडे लगाए गए। यहां तक की शुभकामनाएं देने और स्वागत के लिए बोर्ड व होर्डिंग भी नहीं लगाए गए। सभी स्थानों पर बाला साहब ठाकरे को भावपूर्ण श्रद्धांजलि वाले होर्डिंग लगे हुए थे। मंगलवार की सुबह सूर्योदय के समय जुहू चौपाटी, अक्सा-मड-मार्वे चौपाटी, बोरीवली के नेशनल पार्क, दहिसर के कांदरपाड़ा तालाब, भायंदर के जैसल पार्क और नवी मुंबई के पाम बीच पर लाखों भक्तों ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत को पूरा किया।