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आठवीं पास युवक ने बनाया हवा से चलने वाला इंजन

Fri, 26 Sep 2014 12:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिल्सी, बदायूं
ब्यूरो/अमर उजाला, बिल्सी, बदायूं Updated Fri, 26 Sep 2014 12:35 PM IST
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Middle School Pass Devendra made Engine that can run by Air

डीजल से चलने वाले पंपिंग सेट्स को ढंढूमर गांव में एक आठवीं पास युवक केवल हवा (एअर बेस) से चला रहा है। उसका दावा है कि इस पंपिंग सेट इंजन से जेनरेटर भी चल सकेगा। इससे सिंचाई, रोशनी मिलने के साथ ही जुगाड़ वाहन भी चलाया जा सकता है। अब तक के प्रयास में वह इसकी क्षमता साढ़े तीन हार्सपॉवर ही कर सका है।

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तहसील क्षेत्र के गांव ढंढूमर निवासी पंडित राम के घर रह रहे उनके साले का नाम देवेंद्र कुमार है। वह मूलत: कासगंज के गांव मोती नगला का निवासी है। अपने गांव के समीप कुड़ा गांव से देवेंद्र ने कक्षा आठ तक शिक्षा प्राप्त की।
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संसाधन के अभाव में पढ़ाई छोड़ दी और रोजगार की तलाश में दिल्ली पहुंच गए। वहां उन्होंने हिटैची कंपनी में अपने मित्र रिंकू के साथ एअर कंडीशनर (एसी) की मरम्मत का काम किया। छह साल बाद कासगंज के एलजी सर्विस सेंटर पर काम किया। यहां वह काम करने के अलावा कुछ अलग करने की सोचते रहते।
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हेलिकॉप्टर डिजाइन कर चुका है देवेंद्र

Middle School Pass Devendra made Engine that can run by Air

कुछ समय बाद देवेंद्र ने कासगंज में चामुंडा रोड स्थित असलम सैफी की वर्कशॉप में काम कर लिया। सैफी की वर्कशॉप में देवेंद्र ने हेलीकॉप्टर डिजाइन किया। असलम ने उनकी मजाक बनाई। बाद में उन्होंने एअरप्रेशर से पंपिंग सेट्स चलाने के लिए प्रयोग शुरू कर दिए।

जब वह अपने बहनोई पंडित राम के घर आए तो पूरा समय अपने प्रयोग में लगाया। बहनोई से सहयोग लेकर उन्होंने एअरप्रेशर के जरिए पंपिंग सेट्स चलाया। करीब डेढ़ महीना के प्रयास में वह सफल हो गए। जब उन्होंने गांव में एअरप्रेशर से इंजन चलाकर दिखाया तो गांव वाले हैरान रह गए।

देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इंजन खुद एअर बनाता रहेगा और उससे इंजन चलता रहेगा। इंजन को डीजल की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। एअर इंजन को बर्स्ट न कर दे। इसके लिए एक्स्ट्रा एअर निकालने की भी इंजन में व्यवस्था की गई है।

एअर-प्रेशर से कैसे करेगा इंजन काम
डीजल टैंक की जगह मजबूत लोहे का टैंक जिसमें प्रेशर की 50 पौंड हवा रहेगी। पाइप द्वारा नोजिल पिलेंजर में हवा का प्रेशर दिया जाएगा। दो वाल्व हैं उनमें एक वाल्व एक्स्ट्रा हवा निकालेगा। इंजन चलता रहेगा। प्रेशर की हवा बनती रहेगी। एक्स्ट्रा हवा बसों के एअर ब्रेक की तरह से फुस्स की तेज आवाज के साथ निकलती रहेगी।

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