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राज्यपाल से धक्का-मुक्की के चलते 5 विधायक निलंबित

Thu, 13 Nov 2014 02:19 AM IST
Updated Thu, 13 Nov 2014 02:19 AM IST
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Devendra Fadnavis Government Wins Confidence Motion by Voice Vote in Maharashtra Assembly.

महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर राज्यपाल के साथ हुई अभ्रदता के चलते कांग्रेस के पांच विधायकों को निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेस के पांच विधायकों राहुल बोंद्रे, अमर काले, जयकुमार गोरे, विजेंद्र जगतप और अब्दुल सत्तार को निलंबित कर दिया है। पांचों विधायकों को 2 साल के लिए निलंबित किया है।

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महाराष्ट्र विधानसभा में धक्का मुक्की के चलते राज्यापल विद्यासागर राव के हाथ में चोट भी आई है। इसके बाद ही विधायकों को संस्पेड करने की यह कार्रवाई की गई है।
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महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा ने ध्वनिमत से विश्वास मत प्राप्त करने के बाद से ही शिवसेना और कांग्रेस के विधायकों ने जमकर हंगामा किया था। शिवसेना ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को भी आंडे हाथो लिया था। साथ ही बीजेपी पर आरोप लगाया है कि उसने लोकतंत्र की हत्या कर दी है।
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महाराष्ट्र विधानसभा के दूसरे दिन ही विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा कर किया। इस हंगामे को देखते हुए लग रहा है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा के अच्छे दिन आने में विपक्षी दल बड़ा रोड़ा लगा सकते हैं।

देवेंद फडनवीस की पहली जीत

Devendra Fadnavis Government Wins Confidence Motion by Voice Vote in Maharashtra Assembly.

महाराष्ट्र में बीजेपी की नई सरकार ने बुधवार को दोनों परीक्षा पास कर ली। बीजेपी का स्‍पीकर चुने जाने के बाद देवेंद्र फडनवीस की अल्पमत सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया। अब सरकार को छह महीने कोई खतरा नहीं है।

बुधवार को विश्वास मत प्रस्ताव बीजेपी के विधायक आशीष शेलार ने महाराष्ट्र विधानसभा में रखा था। एनसीपी ने ध्वनिमत से पहले सदन से वॉकआउट किया। एनसीपी के वॉकआउट करने से बीजेपी ने आसानी से विश्वास मत हासिल कर लिया।

लेकिन शिवसेना ध्वनिमत में बीजेपी सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ रही। शिवसेना ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पास किए जाने और मत विभाजन ;डिविजन ऑफ वोट न कराए जाने को लेकर सभापति के आसन के सामने वेल में आकर विरोध भी किया।

बीजेपी के ध्वनिमत से विश्वास मत हासिल करने पर शिवसेना और कांग्रेस भड़क गई है। शिवसेना के नेता रामदास कदम ने कहा हैए ष्हमने महाराष्ट्र की जनता से वादा किया था कि हम पर्याप्त सीटें न पाने पर विपक्ष में बैठेंगे। हमने यही किया है। आज से हम विपक्ष में बैठेंगे। बीजेपी ने आज विधानसभा में नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं। बीजेपी सरकार में मतभेद है।

'बीजेपी ने लोकतंत्र का खून किया है'

Devendra Fadnavis Government Wins Confidence Motion by Voice Vote in Maharashtra Assembly.

गडकरी के पक्ष के 40 विधायक बीजेपी सरकार के खिलाफ वोट देते। इसलिए पार्टी ने वोटों का बंटवारा नहीं करवाया। यह असंवैधानिक है। लोकतंत्र का खून किया गया है। वहीं कांग्रेस के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि कांग्रेस ध्वनिमत से बहुमत सिद्ध करने का विरोध करने के साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के इस्तीफे की मांग करती है।

वहीं महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने कहा कि भाजपा सरकार बहुमत सिद्ध नहीं कर सकी है। ध्वनिमत से बहुमत सिद्ध करना कानून के खिलाफ है। बीजेपी सरकार को विश्वास मत हासिल नहीं है।

ठाकरे ने कहा कि सदन में वोटिंग होगी तो उसका हाल वाजपेयी की 1999 की सरकार जैसा होगा, जब 13 महीने पुरानी एनडीए सरकार 1 वोट से विश्वास मत प्रस्ताव हार गई थी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार सभी नियमों और राज्यपाल चिरंजीवी विद्यासागर राव के आदेश का भी उल्लंघन किया है।

ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस के विधायक राज्यपाल से मिल कर बीजेपी को दोबारा मतदान के जरिए बहुमत सिद्ध करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने नियम के विरुद्ध जो काम किया हैए उसे पूरे देश के लोगों ने देखा है और सदन में पहले ही दिन बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या की है।

बीजेपी को भाया एनसीपी का समर्थन

Devendra Fadnavis Government Wins Confidence Motion by Voice Vote in Maharashtra Assembly.

इससे पहले कांग्रेस और शिवसेना द्वारा अपने प्रत्याशी वापस लेने के बाद बीजेपी के हरिभाऊ बागड़े निर्विरोध स्पीकर चुन लिए गए। वहीं शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे नेता विपक्ष होंगे। स्पीकर ने निर्णय लिया है कि विपक्षी पार्टियों में शिवसेना के पास सबसे ज्यादा सीटें हैंए इसलिए विपक्ष के नेता का पद शिवसेना के शिंदे को दिया जाता है। शिवसेना नेता रामदास कदम ने बुधवार की सुबह कहा कि शिवसेना विश्वास मत प्रस्ताव पर बीजेपी के खिलाफ वोट करेगीए लेकिन स्पीकर पद पर बीजेपी के साथ है।

शिवसेना बोली चूहों के समर्थन से सरकार बचेगी क्या?
एनसीपी के वॉकआउट करने के कदम का अंदाजा शिवसेना को पहले से ही था। यही वजह है कि बुधवार को छपे शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखा है कि क्या चूहों के समर्थन से सरकार बचेगी? शिवसेना ने सामना में छपे लेख में कहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष का चयन तुम महाराष्ट्र की तिजोरी कुतरने वाले चूहों के समर्थन पर करोगे? क्या विश्वास मत प्रस्ताव भी उन्हीं चूहों की सहायता से जीतने वाले हो? इन सवालों का जवाब तुम्हें जनता को देना होगा। पर इन चूहों की सहायता से महाराष्ट्र को तुम कहां ले जाकर रखने वाले हो, इसका जवाब तुम कभी भी नहीं दे पाओगे।

बीजेपी को भाया एनसीपी का समर्थन
भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने मंगलवार को कहा था कि महाराष्ट्र के विकास के लिए जो आगे आना चाहते हैंए उनका स्वागत है। मुझे उम्मीद है कि शिवसेना साथ आएगी। एनसीपी पहले ही बिना शर्त समर्थन दे चुकी है। गड़बड़ियों के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है लिहाजा हमें उनके समर्थन की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि सीएम फडनवीस एनसीपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए समर्थन न लेने की बात कहते रहे थे।

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