शनि शिंगणापुर पर सीएम फडणवीस करेंगे फैसला
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महाराष्ट्र के अहमदनगर जिला स्थित शनि शिंगणापुर में शनि देव मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर उठे विवाद पर अब फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लेंगे। शनिवार को जिला प्रशासन, मंदिर ट्रस्ट और महिलाओं को मंदिर में प्रवेश के लिए आंदोलन कर रही भूमाता रणरागिनी ट्रस्ट की संयुक्त बैठक में यह फैसला लिया गया। जिलाधिकारी ने आपसी सहमति से ही इसका हल निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
अहमदनगर के जिलाधिकारी अनिल कावडे ने विवाद को सुलझाने के लिए शनिवार को अहम बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष अनिता शेटे, भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई सहित जिला पुलिस अधीक्षक सौरभ त्रिपाठी भी मौजूद थे।
मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर हुए आंदोलन के बाद फडणवीस ने प्रशासन और ट्रस्टियों को आपस में बातचीत कर मामला सुलझाने के लिए कहा था। शनिवार की बैठक इसी के तहत बुलाई गई थी। बैठक के बाद तृप्ति देसाई ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर उन्हें इस संबंध में जल्द फैसला लेने के लिए कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस संबंध में जो भी फैसला लेंगे, उसका वह भी समर्थन करेंगी। उन्होंने इस बैठक को सकारात्मक बताते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही मंदिर महिलाओं के लिए खुल सकेगा।
श्री श्री रविशंकर भी करेंगे मध्यस्थता
शनिवार को हुई बैठक बेनतीजा साबित हो गई है, लेकिन अब रविवार को आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर भी विवाद सुलझाने की कोशिश करेंगे। रविवार को वह पुणे में मंदिर ट्रस्ट के साथ इस संबंध में बात करेंगे।
शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता अनिल दलंदले ने बताया कि मुख्यमंत्री-प्रशासन, ग्राम पंचायत और श्री श्री रविशंकर आम सहमति से जो भी निर्णय लेंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे।
इस बीच, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल के पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेसी नेता बालासाहेब विखे पाटिल ने दावा किया कि जब उनकी शादी हुई थी, तब वह पत्नी के साथ शनि मंदिर के चबूतरे पर जाकर तिलाभिषेक किया था। उसके बाद अपनी बेटियों और पुत्र वधुओं को भी मंदिर में ले गए थे। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी सभी उम्रदराज लोगों को है। अब कुछ नया आ गया है जो सही नहीं है।