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डेंगू बन गया है अंतरराष्ट्रीय बीमारी, 120 देश प्रभावित

Mon, 05 Oct 2015 03:03 PM IST
Updated Mon, 05 Oct 2015 03:03 PM IST
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Dengu become an International disease, 120 conutries affected

दिल्ली के बड़े अस्पतालों में से एक बाड़ा हिंदू राव अस्पताल में रोजाना सैकड़ों लोग तेज बुखार और जोड़ों में जबरदस्त दर्द की शिकायत के साथ दाखिल कराए जाते हैं। यहां इस रोग को 'हाड़तोड़ बुखार' भी कहते हैं। अस्पताल में सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए गए हैं, ताकि सब कुछ सुचारु रूप से चलता रहे। फिर भी लोग डाक्टर से मिलने के लिए इतने परेशान होते हैं कि आपस में लड़ाई-झगड़े हो ही जाते हैं।

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दिल्ली में इस बार डेंगू का कहर बीते कई सालों में सबसे अधिक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल भारत में अब तक 25 हजार लोग डेंगू रोग से पीड़ित हैं। जबकि वास्तविक आंकड़ा इससे कई गुना अधिक होने का अनुमान है। बड़े पैमाने पर रोग फैलने से अस्पतालों को कई बार कड़े फैसले भी लेने होते हैं। जिस दिन मैं वहां गया, डाक्टर सोनाली चतुर्वेदी इंचार्ज थीं, उन्हें ही यह तय करना था कि किसे भर्ती किया जाएगा।
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उन्होंने मुझसे कहा कि वे दस में से नौ रोगियों को लौटा देती हैं। ज्यादातर लोग एक-दो हफ्ते की बीमारी के बाद ठीक भी हो जाते हैं। पर कुछ लोगों का रोग ज्यादा खतरनाक और जानलेवा बन जाता है। ऐसा तब होता है जब खून ले जाने वाली नसों से प्लाज्मा रिसने लगता है। इसे डेंगू 'हेमोरेजिक फीवर' कहते हैं।
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ऑपरेशन रद्द

Dengu become an International disease, 120 conutries affected

अस्पताल के मेडिकल डाइरेक्टर डाक्टर हेमंत शर्मा मुझे वार्ड के अंदर ले गए, जो डेंगू के मरीजों से पूरी तरह भरा हुआ था और कुछ बिस्तरों पर तो दो-दो मरीज थे। डॉ. शर्मा ने मुझे बताया कि अस्पताल ने सारे इमर्जेंसी ऑपरेशन रद्द कर दिए हैं। ऐसा इसलिए किया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा वार्ड खाली कराए जा सकें, जिनमें डेंगू के मरीजों को रखा जाए।

सभी डॉक्टरों से कह दिया गया है कि उन्हें तब तक कोई छुट्टी नहीं मिलेगी, जब तक डेंगू का प्रकोप कम नहीं हो जाता। डेंगू का प्रभाव सर्दी शुरू होने पर कम होगा, जब ठंड की वजह से मच्छर मरने लगेंगे। इसमें अभी कई हफ्तों का समय है। मैं बबीता बिष्ट से मिला। वे उस छोटी सी टोली की मुखिया हैं, जिसका काम एडीज मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए जागरूकता फैलाना है।

वे मुझे बताती हैं कि बिल्कुल थोड़े से साफ पानी में भी ये मच्छर अंडे दे सकते हैं और पनप सकते हैं। वे घर-घर जा कर लोगों को समझाती हैं कि किस तरह इन मच्छरों को रोका जा सकता है। एक घर में छोटा सा बर्तन मिला, जिसके पानी में एडीज के सैकड़ों लार्वा तैर रहे थे।

पूरी दुनिया में फैला रोग

Dengu become an International disease, 120 conutries affected

डेंगू दरअसल आधुनिकता से उपजी बीमारी है। पचास साल पहले केवल कुछ देशों में ही डेंगू फैलता था। आज इसका प्रकोप दुनिया के 120 देशों में फैल चुका है। परिवहन के साधनों के जरिए डेंगू के मच्छर पूरी दुनिया में फैल गए हैं। इसके साथ ही शहरीकरण और हर तरह के नए बसावटों से ये मच्छर फैलते गए, इनकी तादाद बढ़ती गई।

डेंगू की अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ नीना वालेचा कहती हैं कि पिछले कई दशकों में डेंगू के मरीजों की संख्या तीस गुना बढ़ गई है। डेंगू से मरने वालों की तादाद सौ में एक से थोड़ी अधिक है। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि करीब 10 करोड़ लोग इससे प्रभावित होते हैं। यह एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है।

वालेचा आशंका जताती हैं कि यह रोग अभी और बढ़ेगा। जलवायु परिवर्तन से डेंगू के मच्छरों को फैलने में सहूलियत होगी। गर्मी और नमी बढ़ेगी तो इन मच्छरों की तादाद भी बढ़ेगी।

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