यादव, कुर्मी और जाट को ओबीसी से हटाने की मांग
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उत्तर प्रदेश में ओबीसी में शामिल कुछ जातियों को आरक्षण का लाभ समाप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
याचिका में कहा गया है कि यादव, कुर्मी और जाट समुदाय का सरकारी नौकरियों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व है। लिहाजा इन जातियों को आरक्षण बंद किया जाए।
इन जातियों को अपने हिस्से से अधिक हासिल हो चुका है। यह जातियां अन्य पिछड़ी जातियों को आगे नहीं बढ़ने दे रही हैं।
यूपी में 79 जातियों को ओबीसी का दर्जा
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2006 में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह सरकारी नौकरियों में ओबीसी तथा अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या बताए।
राज्य सरकार को छह माह के अंदर इस बारे में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन आठ साल बीत जाने के बाद भी डाटा अदालत को नहीं सौंपा गया है।
उत्तर प्रदेश में 79 जातियों को ओबीसी का दर्जा प्रदान किया गया है, लेकिन सरकारी नौकरियों में इन तीन जातियों के लोग बहुतायत में हैं।