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भारत में उठी मांग, लंदन से वापस लाओ सरस्वती की अदभुत प्रतिमा

Wed, 03 Feb 2016 12:39 PM IST
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:39 PM IST
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demand to get back the statue of saraswati from london

लंदन के म्यूजियम में रखी सरस्वती की नौ टन की नीलम जड़ित प्रतिमा को भारत वापस लाने की मांग संतों ने एक स्वर में उठाई। माघ मेला में मंगलवार को आयोजित धर्म सभा के दौरान संतों ने बताया कि मध्य प्रदेश के धार जिला स्थित भोजशाला में प्रस्थापित विद्या की अधिष्ठाती देवी सरस्वती की प्रतिमा को ब्रिटिश शासनकाल में अंग्रेज लंदन ले गए थे, तब से वह वहीं हैं। धर्म सभा में गौ, गंगा रक्षा, हिंदुओं के मंदिरों का अधिग्रहण सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

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माघ मेला क्षेत्र त्रिवेणी रोड स्थित काशीसुमेरूपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद के शिविर में धर्मसभा में गौ गंगा, धर्मांतरण सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने को जुटे संतों ने भारतीय संस्कृति पर हो रहे कुठाराघात पर खुलकर विचार रखे।
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कहा कि हिंदुओं को हर तरह से अपमानित करने का कुचक्र सरकारें करती आई हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। धर्म सभा को संबोधित करते हुए स्वामी नरेंद्रानंद ने बताया कि आजादी के पूर्व भोजशाला में स्थापित नीलम जड़ित सरस्वती देवी की प्रतिमा की आस्थावान हिंदू वसंत पंचमी के दिन पूजन करते रहे हैं।

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भोजशाला प्रतिमा के बिना अधूरा है

demand to get back the statue of saraswati from london

भारतीय संस्कृति, कला का केंद्र रहा भोजशाला प्रतिमा के बगैर अधूरा है। देश आजाद हुआ पर प्रतिमा लंदन से वापस नहीं लाई गई। सरकार प्रतिमा को वापस लाकर पुन: भोजशाला में स्थापित कराए।

अध्यक्षता कर रहे स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने धर्म सभा में उठाए गए मुद्दों का समर्थन किया। संचालन ब्रह्म स्वरूप ने किया।

धर्म सभा को अखिल भारतीय दंडी प्रबंधन समिति के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम, अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम, महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम, मेजर ओंकार नाथ दुबे, आजाद बाबा, ठाकुर जय सिंह, गोपाल बाबा, स्वामी शारदानंद, सुदर्शन आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर सैकड़ों दंडी संन्यासी, संत, भक्त उपस्थित रहे।

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