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ईनामी बदमाश भूरा को भगाने में MLA का हाथ

Tue, 30 Dec 2014 01:07 PM IST
Updated Tue, 30 Dec 2014 01:07 PM IST
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Delhi's MLA helped in Bhura's Escape

दस लाख के इनामी भूरा तक पहुंचने के लिए पुलिस ने दिल्ली के एक विधायक पर दबाव और बढ़ा दिया। उनके दफ्तर पर बागपत पुलिस ने रविवार को देर शाम फिर से दबिश दी। इस बार विधायक मौजूद थे, लेकिन पुलिस के पहुंचने से ऐन पहले चुपचाप खिसक लिए। विधायक और समर्थकों ने दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरे में दूर से ही पुलिस को देख लिया था।

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पुलिस के पास आने से पहले ही अपनी गाड़ी से चले गए। पुलिस अधिकारी, विधायक से बात करने को उन लोगों को अपने मोबाइल नंबर देकर चले आए, लेकिन विधायक ने बात करने से इंकार कर दिया।
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दबिश देने वाली पुलिस टीम में शामिल एक अधिकारी ने वहां मौजूद लोगों में से एक से कहा वह विधायक जी से हमारी बात करा दे। उसने विधायक का नंबर मिलाकर उनसे कहा पुलिस आप से बात करना चाहती है।
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विधायक ने यह कहकर फोन काट दिया,उसे यूपी पुलिस से कोई बात नहीं करनी है। पुलिस सूत्रों ने बताया दिल्ली पुलिस दो बार विधायक से फोन पर बात कर चुकी है।

पुलिस को देखकर खिसक लिए विधायक

Delhi's MLA helped in Bhura's Escape

रविवार को दोपहर में पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और बागपत पुलिस की टीम ने दबिश दी थी। तब विधायक अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थे। इसके बाद विधायक ने शायद यह सोचा कि पुलिस एक ही दिन में दोबारा नहीं आएगी, लेकिन वे जैसे ही शाम को पहुंचे, थोड़ी ही देर बाद बागपत पुलिस पहुंच गई।

मोनू भी रहा एमएलए के संपर्क में?

दिल्ली से बागपत लौटी पुलिस टीम ने बताया एक तो विधायक का भांजा एक लाख का इनामी है। वह भूरा के साथ भी अपराध कर चुका है। भूरा को फरार करने में उसका हाथ है। यदि विधायक अपने भांजे को पकड़वा दे, तो भूरा मिल सकता है।

दूसरा, विधायक के संबंध भूरा की फरारी में सबसे अहम रोल निभाने वाले बागपत के बदमाश सचिन उर्फ मोनू खोखर से भी बताए हैं। एके-47 मोनू के पास ही बताई जा रही हैं। विधायक पर दबाव इसलिए भी बनाया जा रहा है, क्योंकि मोनू और उनके भांजे ने भूरा की फरारी की योजना उनके दफ्तर में बनाई थी।

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