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स्टेटस रिपोर्ट पर दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट से मांगी माफी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 10 Jan 2013 12:51 PM IST
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दिल्ली गैंगरेप मामले में अधूरी स्टेटस रिपोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस ने हाई कोर्ट से माफी मांग ली है। पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट मे दूसरी बार स्टेटस रिपोर्ट पेश की। गौरतलब है कि बुधवार को हाई कोर्ट ने पुलिस की जांच रिपोर्ट नामंजूर करते हुए उसे कड़ी फटकार लगाई थी।
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कोर्ट ने मामले में मात्र दो सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को निलंबित करने को नाकाफी बताते हुए अदालत ने कहा कि पुलिस आयुक्त (नीरज कुमार) और क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त (छाया शर्मा) को क्यों नहीं निलंबित किया गया।
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इतना ही नहीं, राजधानी में काले शीशे वाले वाहनों के चलने पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने पूछा कि संयुक्त आयुक्त ट्रैफिक (सतेंद्र गर्ग) को सस्पेंड क्यों नहीं किया गया।
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मुख्य न्यायाधीश डी मुरुगेसन और न्यायमूर्ति वीके जैन की पीठ ने दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता दयान कृष्णन द्वारा पेश जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद कहा कि इस रिपोर्ट में कुछ भी नया नहीं है। हमने बार-बार घटना वाले रूट पर तैनात तीन पीसीआर वैन और पिकेट के पुलिसकर्मियों के नाम बताने को कहा था, मगर अभी तक नाम नहीं बताए गए।
अदालत ने कहा कि पीसीआर वैन में तैनात पुलिसकर्मियों के नाम पूछे गए थे, रिपोर्ट में उनके नाम क्यों नहीं हैं? जवाब में अधिवक्ता ने कहा कि क्षेत्रीय पीसीआर की कमान संभालने वाले एसीपी को निलंबित किया गया है।
लेकिन उनके तर्क को खारिज कर पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा कि घटना के लिए क्या सिर्फ निलंबित एसीपी जिम्मेदार है? पुलिस आयुक्त और क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त को क्यों नहीं निलंबित किया गया? सुनवाई के दौरान अदालत में डीसीपी छाया शर्मा भी मौजूद थीं।
पीठ ने वाहनों में काले शीशों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने पर भी पुलिस को जमकर लताड़ा। पीठ ने अधिवक्ता दयान कृष्णन के उस तर्क को भी नामंजूर कर दिया कि दक्षिणी दिल्ली के एसीपी ट्रैफिक को भी निलंबित कर दिया गया है।
अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश पूरे देश व पूरी राजधानी में लागू है। ऐसे में मात्र दक्षिणी दिल्ली के ट्रैफिक एसीपी को निलंबित करने की जगह ट्रैफिक के संयुक्त पुलिस आयुक्त को क्यों नहीं निलंबित किया गया?
न्यायमूर्ति वीके जैन ने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों पर काले शीशे और परदे लगाने पर रोक लगाई है और इस आदेश का पालन न करवाने के लिए कौन जिम्मेदार है?