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गैंगरेप पीड़िता के बयान में कोई दखल नहीं: दिल्ली पुलिस

Tue, 25 Dec 2012 06:02 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 25 Dec 2012 06:02 PM IST
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delhi police clear no interfere in victim statament

दिल्ली पुलिस ने गैंगरेप की पीड़ित छात्रा से बयान लेने पर किसी दखल से साफ इनकार किया है। पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने पत्रकारों को बताया कि एसडीएम ऊषा चतुर्वेदी के आरोप बिल्कुल गलत हैं।

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आज लिया गया पीड़िता का बयान अहम
कुमार ने कहा कि एसडीएम ऊषा चतुर्वेदी को पुलिस ने ही बुलाया था। यदि उन पर कोई दबाव था तो वो चली जातीं। वैसे एसडीएम ने पीड़िता और उसकी मां का भी बयान लिया था। उस समय पीड़िता की मां वीडियोग्राफी नहीं कराना चाहती थी। एसडीएम को कोई बयान से संबंधित सूची नहीं दी गई थी। मंगलवार को लिया गया पीड़िता का बयान बेहद अहम है।
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मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता का बयान दर्ज
दिल्ली गैंगरेप मामले में पीड़ित छात्रा का बयान फिर से दर्ज किया गया है। पुलिस ने एक मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज किया। दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले पीड़िता के बयान को लेकर विवाद पैदा हो गया था।
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दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल
दिल्ली गैंगरेप के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे थे। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की भूमिका की जांच के लिए जस्टिस ऊषा मेहरा के नेतृत्व में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी गृह मंत्रालय से नाराजगी जताई थी।

एसडीएम ऊषा चतुर्वेदी ने लगाया था आरोप
इससे पहले एसडीएम ऊषा चतुर्वेदी ने डीसीपी साउथ छाया वर्मा, एसीपी वसंत विहार विजेता आर्या और एसीपी डिफेंस कॉलोनी मेहर सिंह पर आरोप लगाया था कि वे लोग गैंगरेप पीड़िता से मनचाहा बयान दिलाना चाहते थे। ऊषा चतुर्वेदी ने बकायदा पत्र लिखकर इन वरिष्ठ अधिकारियों पर दबाव डालने का आरोप लगाया।

पत्र के मुताबिक जब वह पीड़िता का बयान लेने गईं तो इन अधिकारियों ने उन्हें सवालों की लिस्ट पकड़ा दी। जब उन्होंने इनकार कर दिया तो उनके साथ बदसलूकी की गई। ऊषा चतुर्वेदी ने इस मसले पर जांच की मांग की है।
हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन सारे आरोपों को नकार दिया है।

इस बीच, गैंगरेप मामले को लेकर दिल्ली पुलिस के दो एसीपी को निलंबित कर दिया गया, साथ ही इस जघन्य अपराध को नहीं रोक पाने के लिए दो डीसीपी से भी जवाब तलब किया गया है।

क्रिसमस पर भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
इधर कड़ाके की ठंड और सुरक्षा कड़ी होने के बावजूद जंतर-मंतर पर कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया। क्रिसमस की छुट्टी पर लोग सुबह ही अपने घरों से निकल पडे़ और जंतर-मंतर पर पहुंचकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे तब तक यहां रोज आते रहेंगे जब तक सरकार महिलाओं के खिलाफ कठोर कानूनी प्रावधान लागू नहीं करती।


बंद रहे नौ मेट्रो स्टेशन
इधर लगातार तीसरे दिन मध्य दिल्ली के नौ मेट्रो स्टेशन बंद रहे। राजीव चौक, बाराखंबा रोड, मंडी हाउस, प्रगति मैदान, पटेल चौक, उद्योग भवन, केंद्रीय सचिवालय, रेसकोर्स रोड और खान मर्किट स्टेशनों के गेटों पर ताला लटका रहा।

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