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अपनी ही तारीफ खुद करने में जुटी दिल्ली पुलिस

Sat, 08 Jun 2013 03:22 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 08 Jun 2013 03:22 PM IST
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delhi police ad in national dailies talks of how quick they are in action
हफ्ते भर पहले बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में 17 साल की एक किशोरी को तीन लोगों ने अपनी हवस का शिकार बनाया और बाद में उसे वहीं फेंक गए। यह राजधानी में बलात्कार का हालिया मामला है।
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इस मामले में पुलिस की कामयाबी यह रही कि तीनों आरोपी तुरंत गिरफ्तार कर लिए गए। और इस कामयाबी को वह बखूबी भुनाना जानती है।

'रेप कैपिटल' के नाम से कुख्यात दिल्ली में महिलाओं से बलात्कार और छेड़छाड़ रुके न रुके, यहां की पुलिस अपनी पीठ थपथपाने का कोई मौका नहीं छोड़ती।

शनिवार को देश के प्रमुख अखबारों में छपे दिल्ली पुलिस के विज्ञापन में दावा किया गया है कि महिलाओं से छेड़छाड़ करने वाले 5 में से 4 लोगों को वह हफ्ते भर में गिरफ्तार कर लेती है।
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इसी विज्ञापन में आगे दावा है कि बलात्कार, छेड़छाड़ और पीछा करने के 80 फीसदी से ज्यादा मामले दिल्ली पुलिस ने एक ही हफ्ते में सुलझा दिए, जबकि 10 फीसदी ऐसे मामलों का निपटारा दूसरे हफ्ते तक कर दिया गया।
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मुमकिन है कि ऐसा ही हुआ है, लेकिन क्या यह अजीबोगरीब बात नहीं है कि जिस पुलिस पर ऐसे अपराधों को रोकने का जिम्मा है, वह अपराध होने के बाद इन मामलों को जल्द सुलझाने के लिए तारीफ बटोरना चाहती है।

पुलिस नहीं मानती इसे पीठ ठोंकना

लेकिन दिल्ली पुलिस ऐसा नहीं मानती। उसके प्रवक्ता राजन भगत का कहना है, 'ऐसा कतई नहीं है कि दिल्ली पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है। आपने इस विज्ञापन को सही नजरिए के साथ नहीं लिया। हमें यह समझना होगा कि ऐसे अपराध कैसे होते हैं, कौन करता है और इन्हें कैसे रोका जा सकता है?'

उनका कहना है, 'यह विज्ञापन तारीफ बटोरने की कोशिश नहीं, बल्कि अपराधियों को चेतावनी देने के लिए है, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।'

दिसंबर के बाद बढ़ी शिकायतें

अब जरा देश की राजधानी में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर निगाह डाल ली जाए। इस साल 15 अप्रैल तक बलात्कार के मामलों में 158 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके अलावा छेड़छाड़ के मामलों में भी 700 फीसदी का उछाल आया है।


यह आंकड़े दिल्ली पुलिस के संवाददाता सम्मेलन में पेश किए गए थे, इसलिए शक की गुंजाइश नहीं बनती। खुद पुलिस कमिश्नर का मानना है कि दिसंबर में दिल्ली में हुए गैंग-रेप के बाद इस तरह की शिकायतों में नाटकीय रूप से उछाल आया है।
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