दिल्ली में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद उपराज्यपाल नजीब जंग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और गृह मंत्रालय को भेज दी है।
इस रिपोर्ट में उपराज्यपाल ने राष्ट्रपति से दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने और विधानसभा निलंबित रखने की सिफारिश की है।
फिलहाल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उपराज्यपाल की सिफारिश मंजूर कर ली गई है।
ऐसा माना जा रहा है कि राष्ट्रपति भी इस सिफारिश को अपनी मंजूरी दे ही देंगे।
केजरीवाल की मांग नहीं मानी
शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल नहीं पेश होने के कारण निराश केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
उपराज्यपाल नजीब जंग को इस्तीफा सौंपने के बाद केजरीवाल ने विधानसभा भंग करने और फिर से चुनाव कराने का आग्रह किया था।
इस सियासी घटनाक्रम के बीच एक बार फिर सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में सरकार बनाने से इनकार कर दिया था।
ऐसे में पहले से ही राजनीतिक विश्लेषक दिल्ली में राष्ट्रपति शासन की बात कर रहे थे।
LG की चिट्ठी से AAP में मायूसी
इससे पहले आम आदमी पार्टी ने जनलोकपाल बिल के मुद्दे पर सरकार से निकलने का जो ‘सेफ एग्जिट प्लान’ बनाया था उसमें एलजी की चिट्ठी ने विपक्षी दलों को भी सेफ साइड दे दी।
सोची समझी रणनीति के तहत केजरीवाल सरकार का प्राथमिकता वाला जन लोकपाल बिल प्रस्ताव में सबसे बाद में रखा गया, लेकिन इसे असंवैधानिक बताने का पत्र स्पीकर के पास पहुंच जाने पर कांग्रेस व भाजपा को रास्ता मिल गया।
विधानसभा सत्र में ‘आप’ ने भ्रष्टाचार और भाजपा व कांग्रेस ने जिस तरह से संविधान की दुहाई दी, उससे स्पष्ट लगा कि केजरीवाल के इस्तीफा देने के बाद आगामी चुनाव में एक दूसरे पर इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रहार होंगे।