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'घर के बदले यौन संबंध' मामले में शुरू हुई जांच

Mon, 12 Oct 2015 03:11 PM IST
Updated Mon, 12 Oct 2015 03:11 PM IST
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Delhi joins Sri Lanka probe into ‘sexual favours’ for houses

कोलंबो में भारतीय उच्चायोग और श्रीलंका रेड क्रॉस सोसाइटी (एसएलआरसीएस) ने संयुक्त रुप से उन आरोपों की जांच शुरु कर दी, जिसमें रेड क्रॉस के एक अधिकारी पर युद्ध विस्थापित एक विधवा को मकान दिलाने के एवज में यौन संबंध बनाने के सहमति मांगी गई थी। इन मकानों का निर्माण भारत की आर्थिक सहायता से श्रीलंका के उत्तरी प्रांत में किया गया है।

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पिछले हफ्ते यह मामला दिल्ली पहुंचा, जिसके बाद विदेश सचिव एस जयशंकर को तुरंत श्रीलंकन रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ मिलकर एक संयुक्त जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
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इस मामले के प्रकाश में आने के बाद भारतीय उच्चायुक्त वाईके सिन्हा ने तुरंत श्रीलंका के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया। उन्होंने मंत्रालय से आग्रह किया कि जिस अधिकारी पर ऐसे संगीन आरोप लगे हैं उसे जांच प्रक्रिया पूरी हो जाने तक देश छोड़ने की अनुमति न दी जाए।
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भारत का कड़ा रुख

Delhi joins Sri Lanka probe into ‘sexual favours’ for houses

एक भारतीय अधिकारी ने बताया, 'हम नहीं चाहते की आरोपी अधिकारी भाग जाए इसलिए श्रीलंका के विदेश मंत्रालय और आव्रजन अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है।'

वहीं भारत सरकार ने भी यह साफ कर दिया है कि इस योजना के क्रियान्वयन के सहभागियों की इस तरह के मामलों में संलिप्तता को वह (भारत) किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

यह ऐसी पहली घटना है जिसमें इस तरह का मामला सामने आया है। इस मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इस साल मार्च में अपने जाफना दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ युद्ध विस्थापित विधवाओं को यह मकान दिए थे।

इन महिलाओं को इसलिए 'युद्ध विधवाएं' कहा जाता है क्योंकि एलटीटीई के साथ श्रीलंका के युद्ध के समय इन महिलाओं के पतियों की या तो मौत हो गई या फिर लापता हो गए। यह युद्ध 2009 में समाप्त हुआ था।

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