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बंद कमरे में ही होगी गैंगरेप मामले की सुनवाई
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jan 2013 11:35 PM IST
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चलती बस में गैंगरेप मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी सुनवाई बंद कमरे में ही होगी। अदालत ने अभियुक्तों के वकील के उस तर्क को खारिज कर दिया कि ट्रायल की सच्चाई सब के सामने लाने के लिए खुली अदालत में ही सुनवाई करवाई जाए। आरोपियों पर अभियोग तय करने के लिए 24 जनवरी से सुनवाई शुरू होगी।
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साकेत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने बंद कमरे में ट्रायल कराने का आग्रह वाला आवेदन स्वीकार कर लिया। न्यायाधीश खन्ना ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि इस अदालत में भी सुनवाई बंद कमरे में ही होगी। स्पष्ट है कि सुनवाई की मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध रहेगा।
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गैंगरेप मामले की सुनवाई सोमवार दोपहर दो बजे शुरू हुई। वकीलों और मीडियाकर्मियों से खचाखच भरी अदालत में दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता ने आवेदन दाखिल कर कहा कि मामला काफी संवेदनशील है, इसलिए युवती व गवाहों की पहचान गोपनीय रखने के लिए जरूरी है कि सुनवाई बंद कमरे में की जाए। उन्होंने मजिस्ट्रेट के समक्ष आरंभिक सुनवाई भी बंद कमरे में होने का हवाला दिया।
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दूसरी ओर बचाव पक्ष के अधिवक्ता वीके आनंद, एपी सिंह और एमएल शर्मा ने बंद कमरे में सुनवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सुनवाई खुली अदालत में की जानी चाहिए क्योंकि खुली अदालत में ही निष्पक्ष सुनवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके मुवक्किलों के खिलाफ जिस प्रकार फर्जी कहानी बनाई है, खुली अदालत में सुनवाई से पुलिस की कहानी की असलियत सबके सामने आ जाएगी। इसलिए पुलिस के आवेदन को खारिज किया जाए। जज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि पूर्व में लगाई गई मीडिया कवरेज पर रोक और बंद कमरे में सुनवाई किए जाने का निर्णय बिलकुल सही है। इस अदालत में भी यह निर्णय बरकरार रहेगा।