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पीड़िता की हालत अभी भी नाजुक, प्लेटलेट्स गिरे
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 22 Dec 2012 01:23 PM IST
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सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही गैंगरेप की शिकार युवती की हालत में पिछले दिनों के मुकाबले थोड़ा सुधार हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी भी उसकी हालत नाजुक है पर मानसिक रूप से वह स्वस्थ है। लड़की मांगकर पानी पी रही है। आज पीड़िता ने थोड़ा जूसा पिया। हालांकि युवती के प्लेटलेट्स लगातार गिर रहे हैं और शनिवार को यह 20,000 से नीचे पहुंच गया।
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नस के सहारे तरल पदार्थ
शुक्रवार को युवती को जीवन रक्षक उपकरण से जरुर हटाया गया था लेकिन खतरा अभी भी पूरी तरह से बना हुआ है। वह स्वंय सांस ले रही है, लेकिन उसे कृत्रिम तौर पर ऑक्सीजन दी जा रही है। यह अच्छा संकेत है। प्लाजमा भी नहीं चढ़ाया गया है। नस के सहारे खाने के लिए तरल पदार्थ दिया जा रहा है। पीड़िता को इंट्रावेनस रुट से खाने में कैल्शियम, प्रोटीन और फैट उचित मात्रा में दी जा रही है।
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चिंता की वजह
इलाज कर रहे चिकित्सकों के मुताबिक जीवन रक्षक उपकरण से पीड़िता को हटाने उसके स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छी बात है। वेंटिलेटर से नहीं हटाने पर निमोनिया का खतरा बना रहता। लेकिन बिलीरुबिन लेवल बढ़ने से खतरा बढ़ गया है। लीवर सौ फीसदी कार्य नहीं कर पा रहा है।
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चिकित्सकों ने बताया कि व्हाइट ब्लड सेल्स (डब्ल्यूबीसी) काउंट में जबरदस्त गिरावट आई है। डब्ल्यूबीसी काउंट 15 हजार पर पहुंच गया है जबकि कम से कम 4000 सामान्य तौर पर होना चाहिए। चिकित्सकों का कहना है कि डब्ल्यूबीसी काउंट कम होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ जाती है। लिहाजा यह अच्छे संकेत नहीं हैं। डॉ. एम.सी.मिश्रा ने कहा कि डब्ल्यूबीसी काउंट कम होना चिंता का कारण बना हुआ है।