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दिल्ली गैंगरेप पीड़िता अभी भी खतरे में

Mon, 24 Dec 2012 11:44 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 24 Dec 2012 11:44 AM IST
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delhi gangrape victim still serious say doctors

दिल्ली गैंगरेप की शिकार छात्रा की हालत में सुधार होता नहीं दिख रहा। डॉक्टरों के मुताबिक लड़की फिर से वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

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लगातार कम हो रही प्लेटलेट्स, बिलिरुबिन के बढ़ता लेवल और तेज बुखार ने पीड़िता की हालत को और नाजुक बना दिया है। पीड़िता की हालत को देखते हुए चिकित्सकों का कहना है कि अगले चार से पांच दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं।
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रविवार रात पीड़िता के स्वास्थ्य के बारे में चिकित्सकों ने बताया कि शनिवार देर रात पीड़िता ने पेट में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद रविवार सुबह चिकित्सकों ने पेट का अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन करने का फैसला लिया।
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जांच में पता चला कि संक्रमण का स्तर बढ़ता जा रहा है। इसके बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। दोपहर दो बजे से लेकर साढ़े तीन बजे तक चिकित्सकों की टीम ने ऑपरेशन किया। युवती को दुबारा से आईसीयू में जीवनरक्षक उपकरण के सहारे रखा गया है।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीडी अथाणी ने बताया कि बिलिरुबिन (पीलिया) का स्तर रविवार को 6.3 पहुंच गया। जबकि शनिवार को इसका स्तर 5.9 था। बिलिरुबिन का स्तर बढ़ने से लीवर पर लगातार बुरा प्रभाव पड़ रहा है। यही नहीं प्लेटलेट्स चढ़ाने के बाद भी नहीं बढ़ना चिंता का कारण बना है।

रविवार को प्लेटलेट्स घटकर 19 हजार पर पहुंच गईं। हालांकि, अभी तक शरीर के किसी अंग से रक्तस्राव के संकेत नहीं है। अच्छी बात है कि डब्ल्यूबीसी 5600 हो गई है। हालांकि, सामान्य से काफी कम है लेकिन शनिवार की तुलना में 3000 की बढ़ोतरी हुई है। डब्ल्यूबीसी बढ़ने से रोग से लड़ने की ताकत मिलती है।

एम्स ट्रामा सेंटर के प्रमुख डॉ. एम.सी.मिश्रा ने बताया कि युवती को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। लिहाजा कृत्रिम ऑक्सीजन दी जा रही है। इससे फेफड़े में भी संक्रमण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अभी फेफड़े में संक्रमण नहीं है, पानी के कुछ अंश जरूर पाए गए हैं।


चिकित्सकों ने एक बार फिर कहा कि युवती काफी दृढ़ इच्छाशक्ति की है, वह ऑपरेशन के पहले तक चिकित्सकों से आसानी से बातचीत कर रही थी। ऑपरेशन के बाद भी होश में है और इशारों को समझती और समझाती भी है। उसके मानसिक संतोष के लिए पीने के लिए पानी भी दिया गया।

एक नजर में
. जीबी पंत अस्पताल के जीआई सर्जरी विभाग की भी मदद ली जा रही है।
. सफदरजंग, एम्स और एम्स ट्रामा सेंटर के चिकित्सक पहले से इलाज में लगे थे।
. पल्स रेट और ब्लड प्रेशर सामान्य।
. प्लेटलेट्स हुई और कम।
- बुखार 105 फारेनहाइट।
. डेढ़ तक चला पेट का ऑपरेशन।
. हाई एंटिबॉयोटिक दी जा रही है, खतरा भी है, लेकिन देना जरूरी।
. डब्ल्यूबीसी 5600 पहुंची।
. प्लेटलेट्स चढ़ाना जारी।

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