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दिल्ली गैंगरेप: कब क्या-क्या हुआ, एक नजर?
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 16 Dec 2013 09:40 AM IST
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दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को चलती बस में 23 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप को अंजाम देने वाले आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट ने दोषी करार दे दिया।
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चारों को दुष्कर्म, लूटपाट, अपहरण व बेरहमी से मारपीट और हत्या का दोषी माना गया है।
इस पूरे मामले में कब क्या हुआ, इस पर एक नजर:
-16 दिसंबर 2012: वसंत विहार में पैरा मेडिकल की छात्रा के साथ एक नाबालिग समेत 6 लोगों ने चलती बस में गैंगरेप किया। उसके साथी के साथ मारपीट की गई। दोनों को बस से कुचलकर मारने का प्रयास।
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-17 दिसंबर 2012: पुलिस ने मुख्य आरोपी एवं बस चालक राम सिंह सहित चार लोगों को पकड़ा।
-18 दिसंबर 2012: चार आरोपियों के पकड़ने के साथ ही राजधानी में गैंगरेप के विरोध में प्रदर्शन शुरू।
-21 दिसंबर 2012: गैंगरेप के पांचवें आरोपी ने कहा कि वह नाबालिग है। उसकी उम्र साढ़े सत्रह वर्ष है। उसे आनंद विहार बस अड्डा से गिरफ्तार किया गया था। इसी दिन एक अन्य आरोपी अक्षय कुमार उर्फ ठाकुर को औरंगाबाद बिहार से गिरफ्तार किया गया।
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-22 दिसंबर 2012: पीड़िता ने एसडीएम के सामने अस्पताल में अपने बयान दर्ज कराए।
-23 दिसंबर 2012: दिल्ली हाईकोर्ट ने तेजी से सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया।
-24 दिसंबर 2012: पूरे देश में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहने के दौरान सरकार ने इस तरह के मामलों में तेजी से सुनवाई और कानून बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया।
-27 दिसंबर 2012: गैंगरेप पीड़िता की हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया।
-29 दिसंबर 2012: पीड़िता की सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
-3 जनवरी 2013: दिल्ली पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या, गैंगरेप, अप्राकृतिक यौनाचार, अपहरण एवं सबूत मिटाने का आरोप पत्र दाखिल किया।
-28 जनवरी 2013: आरोपियों में से एक को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग घोषित किया।
-2 फरवरी 2013: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पांच लोगों पर हत्या, गैंगरेप और मामलों में आरोप तय किए।
-11 मार्च 2013: गैंगरेप आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
-11 जुलाई 2013: जेजेबी ने नाबालिग को लूटपाट मामले में दोषी ठहराया।
-25 अगस्त 2013: नाबालिग पर फैसले की तारीख बढ़ाई।
-31 अगस्त 2013: नाबालिग को गैंगरेप व हत्या में तीन वर्ष की सजा सुनाई गई।
-10 सितंबर 2013: चार आरोपी अक्षय ठाकुर, मुकेश, पवन गुप्ता व विनय शर्मा को दोषी करार दिया।