फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   delhi gangrape protest government not know how to handle

दरिंदगी पर उबाल: सरकार को नहीं सूझ रहा उपाय

Mon, 24 Dec 2012 09:12 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 24 Dec 2012 09:12 PM IST
विज्ञापन
delhi gangrape protest government not know how to handle

चलती बस में युवती से दरिंदगी के खिलाफ जन आक्रोश से केंद्र सरकार में अफरातफरी मची हुई है। सोमवार को लुटियन दिल्ली की चौतरफा नाकेबंदी कर सरकार ने प्रदर्शनकारियों के हुजूम को रोकने में तात्कालिक कामयाबी तो हासिल कर ली, मगर लोगों के गुस्से को ठंडा करने का सरकार को अब भी कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। आगे क्रिसमस की छुट्टियां हैं और गैंगरेप की शिकार युवती की हालत भी खतरे से बाहर नहीं है।

विज्ञापन


सरकार को आशंका है कि अगर कुछ अनहोनी हो जाती है तो दिल्ली की कानून व्यवस्था संभालने के साथ ही अपनी सियासी इमेज बचाना बड़ी चुनौती होगी। इन सबके बीच गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को ताजा हालातों और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
विज्ञापन


सोमवार को रायसीना हिल्स और नार्थ ब्लॉक से लेकर प्रधानमंत्री निवास सात रेसकोर्स तथा सोनिया गांधी के निवास दस जनपथ तक अफरातफरी का माहौल रहा। सोमवार को रायसीना और प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर तो शांति का माहौल रहा, लेकिन अंदरखाने माहौल बेहद गरम रहा। हिंसक होते जा रहे विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष को लगातार ताजा घटनाक्रम की जानकारी दे रहे हैं। उधर, पीड़ित युवती की सेहत पर भी सरकार की नजर है। सरकार को अंदेशा है कि अगर कुछ अनहोनी होती है तो सरकार के लिए हालात पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

गैंगरेप की घटना पर गुस्से के मद्देनजर दिल्ली के उप राज्यपाल तेजिंदर खन्ना महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को कई कदमों का ऐलान किया। अपनी अमेरिका यात्रा बीच में छोड़कर लौटे खन्ना ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर स्थिति का जायजा भी लिया।

कदम जो उठाए जाएंगे --
- महिलाओं की शिकायत पर पुलिस जीरो टॉलरेंस का रवैया अपनाएगी। महिलाओं की शिकायत उनके शब्दों में ही दर्ज होगी।
- विशेष आयुक्त सुधीर यादव महिला संगठनों से बात करने के लिए नोडल अफसर नियुक्त।
-विशेष आयुक्त से कोई भी सीधे मोबाइल नंबर 9818099012 या उनके ईमेल स्पेशल पुलिस कमिश्नर ट्रैफिक एट जी मेल डाट
काम पर अपनी शिकायत कर सकेगा।
- यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायत की जाती है तो उस पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
- महिलाओं के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को दी जाएगी ट्रेनिंग। उन्हें महिलाओं से बर्ताव करने और उनसे बात करने का लहजा भी बताया जाएगा।
- सभी सार्वजनिक वाहनों के ड्राइवरों को वेरिफिकेशन के बाद ही फोटो पहचान पत्र दिए जाएंगे।
- ड्राईवरों के पब्लिक सर्विस बैज पर फोटो लगाना अनिवार्य किया जाएगा। इन बैजों की फोटो कापी को वाहन के आगे वाले शीशे और यात्री सीट के सामने लगाना जरूरी होगा ।
- महिला संगठनों के प्रतिनिधियों को विशेष महिला वालियंटर बल, विशेष यातायात वार्डन के रूप में नियुक्त किया जायेगा

सात दिन बाद टूटी पीएम की नींद
चलती बस में गैंगरेप को लेकर देशभर में भड़के गुस्से के बीच आखिरकार सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी अपनी चुप्पी तोड़ दी। दरिंदगी की घटना के सात दिन बाद मनमोहन सिंह ने टीवी पर अपने संदेश में कहा कि लोगों का गुस्सा जायज है।

तीन बेटियों का पिता होने के नाते मैं भी आप सबकी तरह इस घटना से बहुत व्यथित हूं। उन्होंने लोगों से हिंसा से दूर रहने का आग्रह करते हुए कहा कि गुनहगारों को जल्द सजा दिलाएगी। साथ ही महिलाओं पर अत्याचार से संबंधित कानूनों की समीक्षा का भरोसा भी प्रधानमंत्री ने दिया।

महिलाएं मुसीबत में डायल करें 181
महिलाएं अब कहीं भी किसी मुसीबत में होने पर 181 नंबर पर कॉल करके मदद मांग सकेंगी। दिल्ली में गैंगरेप की घटना पर भारी उबाल के बाद दूरसंचार मंत्रालय ने महिलाओं के लिए यह हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। पहले मंत्रालय ने 167 नंबर जारी किया था, लेकिन कुछ घंटे बाद ही इसे बदलकर 181 कर दिया गया। उसके मुताबिक नए नंबर को याद रखना ज्यादा आसान होगा।


रामदेव और वीके सिंह पर मामला दर्ज
इंडिया गेट पर रविवार को हुई हिंसा और सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान को लेकर दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह और योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed