फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   delhi gangrape indians abroad hold candle light vigil for the victim

विदेश में बसे भारतीयों को भी रुला गई बिटिया

Sun, 30 Dec 2012 11:55 PM IST
नई दिल्ली/वाशिंटगन/मेलबर्न/एजेंसी
नई दिल्ली/वाशिंटगन/मेलबर्न/एजेंसी Updated Sun, 30 Dec 2012 11:55 PM IST
विज्ञापन
 delhi gangrape indians abroad hold candle light vigil for the victim

दिल्ली में गैंगरेप का शिकार हुई युवती की मौत के बाद गम और गुस्सा देश में ही नहीं है, बल्कि विदेश में बसे भारतीय भी बेहद आहत हैं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि बहादुर बिटिया अब दुनिया छोड़ चुकी है। उसे इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर रविवार को अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर के अलावा कई अन्य देशों में बसे भारतीयों ने प्रदर्शन किए।

विज्ञापन


कई शहरों में मोमबत्तियां जलाकर युवती को श्रद्धांजलि दी गई। युवती की मौत पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी शोक जताया है। उन्होंने भारत सरकार से ऐसे कदम उठाने को कहा है ताकि ऐसी घटनाएं फिर नहीं हों और दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
विज्ञापन


अमेरिका में वाशिंगटन, न्यूयॉर्क, शिकागो समेत कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरे। कड़ाके की ठंड में वाशिंगटन में भारतीयों ने गांधी जी की प्रतिमा के पास मोमबत्तियां जलाईं और युवती को इंसाफ दिलाने की मांग की। पंजाबी एसोसिएशन से जुड़े सतनाम सिंह चहल ने कहा कि वह भारत की सच्ची नायिका थी। वह अपने मान सम्मान के लिए अंत तक लड़ी। वह भारत के युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उसका बलिदान बेकार नहीं जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


हमें ऐसे कदम उठाने चाहिए कि ऐसी घटना फिर नहीं हो। शिकागो की रितु शर्मा ने कहा कि गैंगरेप की घटना पर भड़के गुस्से का इस्तेमाल सही दिशा में कदम उठाने के लिए चाहिए। इंडियन अमेरिकन मुसलिम काउंसिल ने भी कहा कि दुष्कर्म से जुड़े कानून की समीक्षा के लिए गठित समिति का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों ने मेलबर्न और सिडनी समेत कई शहरों में प्रदर्शन कर युवती के गुनहगारों को कड़ी सजा देने की मांग की। मेलबर्न में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर जुटे। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर भारत सरकार का रवैया भी निराशाजनक है।


वहीं, न्यूयॉर्क स्थित ह्यूमन राइट्स वाच ने कहा है कि दुष्कर्म पीड़िताओं के साथ भारत में सम्मानजनक बर्ताव होना चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार को कदम उठाने चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed