फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   delhi gangrape incident on celluloid soon

सिल्वर स्क्रीन पर दिखेगी दिल्ली गैंगरेप की घटना

Fri, 22 Feb 2013 08:30 PM IST
कोलकाता/एजेंसी
कोलकाता/एजेंसी Updated Fri, 22 Feb 2013 08:30 PM IST
विज्ञापन
delhi gangrape incident on celluloid soon

दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म और बर्बरतापूर्ण हत्या की घटना जल्द ही बडे़ पर्दे पर नजर आएगी। ‘निर्भया’ नाम की इस बंगाली फिल्म में वरिष्ठ अभिनेता सौमित्र चटर्जी अन्य कलाकारों के साथ नजर आएंगे। हालांकि, फिल्म के निर्देशक मिलन भौमिक का कहना है कि यह फिल्म दुष्कर्म की घटना के बजाय उसके बाद देश भर में हुए प्रदर्शनों पर केंद्रित होगी।

विज्ञापन


भौमिक ने कहा, ‘दिल्ली गैंगरेप की शिकार उस बहादुर लड़की की मौत के बाद के हालातों पर पर मैंने बड़ी गंभीरता से यह फिल्म बनाई है। यह लड़की हमारी बहन, बेटी या फिर दोस्त भी हो सकती थी। घटना के बाद बहुत से प्रदर्शन, रैलियां और बैठकें आयोजित किए गए। मगर मेरा सवाल यह है कि इन प्रदर्शनों से रोजाना सड़क पर निकलने वाली सैकड़ों-हजारों ऐसी लड़कियों की जिंदगी में क्या हम ऐसा कोई बदलाव ला पाए? फिल्म ऐसे ही कुछ सवालों पर केंद्रित होगी।’
विज्ञापन


जब भौमिक से यह पूछा गया कि उन्होंने फिल्म का नाम निर्भया क्योंकि रखा, तो उन्होंने कहा मीडिया ने उस बहादुर लड़की की पहचान छिपाए रखी और उसे यही नाम दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


भौमिक ने अपनी फिल्म की ‘रंग दे बसंती’ से तुलना किए जाने की संभावना से इंकार किया। उन्होंने कहा कि आमिर खान अभिनीत इस फिल्म ने देश में युवाओं को जगा दिया था। फिल्म के जरिये देश में ऐसी घटनाओं के खिलाफ कैंडिल मार्च की परंपरा कायम की गई थी। मगर मेरी फिल्म का मूल सवाल यही है कि क्या ऐसे कैंडिल मार्च से अपराधियों की मानसिकता में कोई बदलाव आ पाएगा।


उन्होंने कहा कि एक इंसान होने के नाते हममें से हरेक इस घटना से काफी आहत था। एक फिल्मकार होने के नाते मैंने अपनी सोच को पर्दे पर उतारने की सोची। उन्होंने कहा कि फिल्म को हिट करने के लिए किसी भी व्यावसायिक पहलू का इस्तेमाल नहीं किया गया है। फिल्म में एक मुख्यमंत्री का किरदार निभा रहे अभिनेता सौमित्र ने कहा यह विषय आज के समाज के लिहाज से काफी गंभीर और अहम है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed