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दिल्ली गैंगरेप का अभियुक्त करेगा एयरफोर्स की तैयारी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 29 Mar 2013 03:58 PM IST
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तिहाड़ जेल प्रशासन ने दिल्ली गैंगरेप के अभियुक्त विनय शर्मा को एयरफोर्स के लोवर डीविजनल क्लर्क (एलडीसी) पद की परीक्षा की तैयारी करने की इजाजत दे दी है।
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जेल प्रशासन ने इसके लिए एक वेलफेयर अधिकारी को नियुक्त किया है।
शुक्रवार को अदालत के समक्ष पेश रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। अदालत ने कहा कि जेल प्रशासन ने विनय के आवेदन पर गौर करके अधिकारी नियुक्त किया है।
बचाव पक्ष की मांग खारिज
शुक्रवार को अदालत ने गैंगरेप मामले में बचाव पक्ष की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि गवाह के बयान के बाद जिरह के लिए उन्हें एक या दो दिन का समय दिया जाए।
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इसके अलावा गवाहों के बयानों की प्रति हिंदी में देने के तर्क को भी खारिज कर दिया गया है। वहीं, बचाव पक्ष के वकील को अदालत परिसर में बने लॉकअप में अपने मुवक्किल से मिलने की इजाजत प्रदान कर दी गई है।
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साकेत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश योगेश खन्ना ने अपने फैसले में कहा कि सीआरपीसी की धारा 309 में स्पष्ट प्रावधान है कि रेप व गैंगरेप के मामलों का निपटारा दो माह के अंदर किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह भी प्रावधान है कि बिना ठोस कारण के सुनवाई स्थगित नहीं की जानी चाहिए। इसलिए वे किसी भी हालत में ट्रायल में देरी नहीं कर सकते।
अदालत ने कहा कि अगर गवाह अदालत में उपस्थित है और बचाव पक्ष उससे जिरह को तैयार नहीं होता तो अदालत गवाह के बयान दर्ज कर उचित आदेश पारित कर सकती है। धारा 309 में वैकल्पिक दिन सुनवाई का कोई प्रावधान नहीं है और इससे अभियुक्त के किसी भी अधिकार का हनन नहीं हो रहा।
अभियोजन पक्ष पहले ही सभी अभियुक्तों को आरोपपत्र व उससे जुड़े सभी दस्तावेजों का हिंदी अनुवाद कर दे चुका है। इसके अलावा गवाह के बयान की पूरी जानकारी हिंदी में दी जा रही है। ऐसे में उन्हें गवाहों के बयानों की प्रति हिंदी में देने का कोई औचित्य नहीं है।
अदालत ने कहा कि बचाव पक्ष को गवाह से जिरह के लिए एक या दो दिन का समय प्रदान करने का भी कोई आधार नहीं है।
इसलिए वे अभियुक्त मुकेश व अक्षय के आवेदन को खारिज करते हैं। अदालत ने कहा कि बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएल शर्मा अपने मुवक्किलों से रोजाना लॉकअप में 11 बजे मिल सकते हैं।