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'गैंगरेप पीड़िता को मौत के बाद भेजा गया सिंगापुर'
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sun, 30 Dec 2012 12:42 AM IST
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चलती बस में दरिंदगी की शिकार हुई पैरामेडिकल छात्रा की मौत के बाद अब उसे इलाज के लिए सिंगापुर भेजने के फैसले पर उठा विवाद तूल पकड़ने लगा है। इस पर यह कहकर उंगली उठने लगी है कि केंद्र सरकार ने अंतिम समय में राजनीतिक कारणों से यह फैसला लिया।
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सरकार के इस फैसले पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे लेकिन शनिवार को भाजपा सांसद मेनका गांधी ने इस विवाद को यह कहकर हवा दे दी कि पीड़िता तो भारत में ही मर चुकी थी। केंद्र को निशाने पर लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनाक्रोश के भय से मृत युवती को सिंगापुर भेजा और मां-बाप को भी समझा दिया।
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सरकार इस मामले में राजनीतिक खेल खेल रही है। भाजपा पहले ही आरोप लगा चुकी है कि केंद्र ने इस मामले को गलत तरीके से हैंडल किया। हालांकि सरकार लगातार कहती रही है कि यह फैसला युवती का इलाज कर रहे डाक्टरों की सलाह पर किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शनिवार को फिर दोहराया कि यह राजनीतिक फैसला नहीं था।
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उन्होंने कहा कि लड़की को बेहतर इलाज दिलाने के लिए अमेरिका, इंग्लैंड व सिंगापुर ले जाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद ही यह तय किया गया कि सिंगापुर बेहतर रहेगा। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी शुक्रवार को यही सफाई दे चुके हैं, लेकिन अब लड़की के निधन के बाद केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले पर सवाल उठने लगे हैं।
यह भी सवाल उठने लगा है कि सरकार ने उसे अत्याधुनिक इलाज के लिए विदेश भेजने का फैसला पहले क्यों नहीं लिया। संदेह इसलिए भी उठ रहा है कि यह निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया और पीड़िता को देर रात सिंगापुर रवाना किया गया।