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केजरी, जया ने नहीं माना सुप्रीम कोर्ट का आदेश

Wed, 15 Jul 2015 01:25 PM IST
Updated Wed, 15 Jul 2015 01:25 PM IST
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Delhi and Tamil Nadu govts flouting ads order

द सेंटर फॉर पीआईएल (जन हित याचिका) नाम के एक एनजीओ ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली और तमिलनाडु सरकार के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की है।

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याचिका में दोनों सरकारों पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से राज्यों के फंड से किए जाने वाले विज्ञापन को लेकर जारी आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

मिंट में छपी खबर के मुताबिक दिल्ली सरकार ने 2015-16 में विज्ञापन पर होने वाले खर्च के लिए 526 करोड़ रुपए की राशि रखी है, जबकि 2014-15 में यह राशि मात्र 23.7 करोड़ रुपए थी।
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इतना ही नहीं, 2013-14 में ये राशि 25 करोड़  रुपए, 2012-13 में 24.9 करोड़ रुपए और 2011-12 में 27.6 करोड़ रुपए थी। याचिका में यह भी कहा गया है कि केजरीवाल सरकार राज्य के पैसों से विज्ञापन करके अपनी ताकत दिखाना चाह रही है।
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जयललिता भी नहीं हैं पीछे

Delhi and Tamil Nadu govts flouting ads order

वहीं दूसरी ओर, तमिलनाडु सरकार ने चार सुप्रीम कोर्ट की तरफ से विज्ञापन को लेकर जारी आदेश के बाद चार विज्ञापन जारी किए हैं और जमकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है।

ये विज्ञापन अन्ना द्रमुक (AIADMK) सरकार के चार साल पूरे होने पर जारी किए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री जयललिता की तस्वीर भी छापी गई है। ये विज्ञापन 26 मई, 30 मई, 2 जून और 4 जून को जारी किए गए हैं।

आपको बता दें कि 13 मई को ही सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी किया था, जिसके अनुसार किसी भी सरकारी विज्ञापन पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश के अलावा और किसी की तस्वीर नहीं लगाई जा सकती है।

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