'टेरर बोट' पर रक्षा मंत्री के दावों पर गरमाई सियासत
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पोरबंदर बोट मामले पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के नए दावों के सामने आने के बाद इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर सरकार से सबूत मांगे गए हैं।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि अगर रक्षा मंत्री के दावे सही हैं तो उन्हें इससे जुड़े सबूतों को जनता के सामने पेश करने में क्या परेशानी है?
दूसरी ओर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए इसके ठीक से जांच की मांग की है। उनके मुताबिक इस मामले का सच जनता के सामने आना चाहिए।
बोट मामले पर एनसीपी का कहना है कि ये बेहद गंभीर मामला है। अगर बोट आतंकियों की नहीं थी तो आखिर इसका असल सच क्या है, इसकी ठीक से जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने जनता के सामने इस मुद्दे पर बेकार के कयास नहीं लगने चाहिए।
सीपीएम नेता सीताराम येचुरी की मानें तो इस मुद्दे पर उठ रहे सवालों के जवाब सामने आने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वाकई भारत पर किसी तरह के खतरे की आशंका थी तो कोस्ट गार्ड ने अच्छा काम किया। लेकिन असल सच्चाई क्या है?
बोट मामले पर रक्षा मंत्री का बड़ा बयान
पोरबंदर के पास हुए 'टेरर बोट' की घटना को लेकर देश के रक्षा मंत्री ने दो टूक बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि नए साल पर जो बोट भारतीय सीमा में देखी गई, जिसे बाद में उड़ा दिया गया। उसके आतंकी कनेक्शन हैं।
इसके लिए उन्होंने खुफिया विभाग को मिले इनपुट्स को आधार बनाया है। रक्षा मंत्री ने साफ किया कि बोट जिस रास्ते पर थी वो कोई सामान्य रास्ता नहीं था। उस रास्ते से तस्करों की बोट नहीं आती है।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि इस बोट को 12 से 14 घंटे में ट्रेस किया गया। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क थी।
पर्रिकर के मुताबिक अगर वो तस्कर होते तो अपनी बोट को खुद क्यों धमाके से उड़ा लेते। उनकी खुदकुशी उनके संदिग्ध होने का शक पैदा करती है।
मनोहर पर्रिकर ने आगे कहा कि कोई भी तस्कर कभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में नहीं होते। ऐसे में इस बोट के पाक एजेंसियों के संपर्क में होने के पीछे की वजह क्या है?
उन्होंने बताया कि जिस समय ये घटना हुई उस समय समुद्री सीमा पर एक और बोट का पता चला था। हालांकि तब वो भारतीय सीमा के बाहर था।
'बोट तस्करों की नहीं'
रक्षा मंत्री ने ये बातें अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के बाद कही। दरअसल पोरबंदर बोट मामले पर इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है भारतीय सीमा में धमाके से उड़ाई गई बोट तस्करों की थी। इसके आतंकी लिंक नहीं थे। ये कोई पहली बार नहीं हैं जब इस समाचार पत्र ने इस मुद्दे पर सरकार के दावे पर सवाल खड़े किए हों।
दूसरी ओर बोट मामले पर कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा था और दिग्भ्रमित करने के आरोप लगाए थे। जिस पर भाजपा ने पलटवार भी किया। भाजपा की ओर से संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधा।
फिलहाल मनोहर पर्रिकर के बयानों से साफ है कि सरकार अपने दावे से पीछे हटती नहीं दिख रही है। पर्रिकर ने ये बातें दिल्ली के रक्षा संपदा भवन में नेशनल डिफेंस स्टेट्स इंस्टीट्यूट की आधारशिला रखने के दौरान कही।