'पाक पर भरोसा नहीं, सियाचिन में सेना तैनात रहेगी'
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने कहा है कि भारत सियाचिन ग्लेशियर से सेना नहीं हटाएगा। इस मामले में पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। भारतीय सेना के हटने पर वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जगह पर कब्जा कर सकता है।
परिकर ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि सियाचिन से हटने पर और अधिक जिंदगियों का नुकसान हो सकता है। उन्होंने 1984 का अनुभव याद दिलाया, जब इस हिस्से से पाकिस्तान को बेदखल करने के लिए भारत को खूनी लड़ाई लड़नी पड़ी थी।
उन्होंने सेना के जवानों के हौसले को सलाम करते हुए कहा, ‘मैं जानता हूं कि हमें इसके लिए कीमत देनी होगी लेकिन इस पोजिशन को बरकरार रखना होगा। यह जगह रणनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।'
हटने पर दुश्मन जमा सकता है कब्जा
उन्होंने कहा 'मुझे नहीं लगता कि सदन में मौजूद कोई भी सदस्य पाकिस्तान के शब्दों को मान
सकता है। हमारे हटने पर दुश्मन अपना कब्जा जमा सकता है। तब हमें और जीवन
गंवाने पड़ेंगे।’
रक्षा मंत्री ने बताया कि सियाचिन में पिछले 32 सालों
के दौरान 915 जानें जा चुकी हैं। इसका मतलब है कि हर साल 28 लोगों की मौत
होती है। अब यह आंकड़ा प्रति वर्ष 10 मौत पर आ गया है।
परिकर के अनुसार
सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात जवानों को लगातार मेडिकल सहायता दी जाती है।
उन्हें स्नो स्कूटर जैसी कई दूसरी सुविधाएं भी दी गई हैं।