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सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा को मानहानि का नोटिस

Mon, 20 May 2013 10:10 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 20 May 2013 10:10 PM IST
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defamation notice to cbi director ranjit sinha

आरपीएफ एसोसिएशन के महासचिव यूएस झा ने सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा को मानहानि का नोटिस भेजकर अपने खिलाफ सीबीआई के दुरुपयोग, आवास आवंटन मामले में दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए 51 लाख रुपये हर्जाना दिए जाने की मांग की है।

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झा का दावा है कि रेलवे में उनकी शिकायतों के चलते सिन्हा को भ्रष्टाचार के आरोपों में डीजी आरपीएफ पद से हटा दिया गया था। सिन्हा अब सीबीआई निदेशक बनने के बाद बदले की भावना से उनके खिलाफ काम कर रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले मीडिया में खबर आई थी कि आरपीएफ एसोसिएशन के अध्यक्ष यूएस झा रेलवे के तीन आवासों पर अवैध रूप से काबिज हैं और सीबीआई ने रेलवे को रिपोर्ट भेजकर उचित कार्रवाई को कहा है।
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फिर दूसरी खबर आई कि रेलवे ने यूएस झा के दो आवासों का आवंटन रद्द कर दिया। झा के अनुसार सिर्फ एक आवास उनके नाम से आवंटित किया गया है जबकि दूसरा आवास एसोसिएशन के दफ्तर के लिए हैं।

रेलवे की विभिन्न यूनियनों को भी इसी तरह दफ्तर तथा पदाधिकारियों के निवास आवंटित हैं। यह आवंटन विधिवत रेलवे नियमों के तहत किया गया है।

चूंकि आरपीएफ डीजी के पद पर रंजीत सिन्हा के खिलाफ उन्होंने भ्रष्टाचार के दस्तावेजी सबूतों के आधार पर कई शिकायतें की थीं, जिनके आधार पर उन्हें रेलवे से हटाया भी गया था।

सिन्हा जब डीजी थे तो झा उसी विभाग में इंस्पेक्टर थे। तब सिन्हा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सके लेकिन अब सीबीआई निदेशक के पद का वे दुरुपयोग कर उन्हें बदनाम कर रहे हैं।


इस मामले में झा ने एक अंग्रेजी अखबार को भी नोटिस भेजा जिसने सिन्हा के बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

आरपीएफ एसोसिएशन के वकील संजीत कुमार ठाकुर की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में दोनों पक्षों से सात दिन के अंदर दुष्प्रचार के लिए खेद व्यक्त करने तथा आर्थिक मुआवजा अदा नहीं करने पर कोर्ट में कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

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