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बड़ा फैसला: 21 हजार करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी

Mon, 21 Jul 2014 05:25 PM IST
Updated Mon, 21 Jul 2014 05:25 PM IST
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def min clears acquisition proposals worth Rs 21,000-cr

घरेलू रक्षा उत्पाद उद्योग को बढ़ावा देने के वादे को निभाते हुए केंद्र सरकार ने शनिवार को 21 हजार करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसमें जंगी पोतों, गश्ती जहाजों और स्वदेशी हेलीकाप्टरों की खरीद के साथ निजी क्षेत्र को सैन्य परिवहन विमान के निर्माण की मंजूरी शामिल है।

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रक्षा मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में रक्षा खरीददारी परिषद (डीएसी) की तीन घंटे चली मैराथन बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ये प्रस्ताव करीब छह महीने से लटके हुए थे।
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तीनों सैन्य प्रमुखों के अलावा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के प्रमुख और शीर्ष रक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में जेटली ने जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी, उनमें अधिकतर उपकरण देश में ही बनाए जाएंगे।
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इन सौदों में पंद्रह पोतों, 32 हेलीकाप्टरों और 56 परिवहन विमानों के प्रस्ताव शामिल हैं। जेटली ने कहा कि कई सौदे पाइपलाइन में थे और कुछेक प्रस्तावों को मंजूरी देकर हमने प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास किया है।

32 ‘ध्रुव’ हेलीकाप्टरों की होगी खरीददारी

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वायु सेना के एवरो विमानों को बदलने के लिए 56 नए परिवहन विमानों का निजी क्षेत्र में निर्माण कराने के प्रस्ताव के बारे में जेटली ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगी और इससे निजी क्षेत्र में विमान निर्माण की क्षमता पैदा होगी।

रक्षा सूत्रों के अनुसार 7000 करोड़ रुपये की लागत से 32 हल्के उन्नत ‘ध्रुव’ हेलीकाप्टरों की खरीददारी की जाएगी। इनमें से 16 हेलीकाप्टर नौसेना और 16 तटरक्षक को मिलेंगे।

नौसेना के बेडे़ के साथ चलने वाले पांच समर्थन पोतों, पांच तीव्र गश्ती पोतों, और पांच ऑफशोर गश्ती वाहनों की परियोजना स्वीकार कर ली गई। ये सभी पोत देश में ही बनाए जाएंगे।

खोज और बचाव उपकरणों की 900 करोड़ रुपये की खरीददारी को भी डीएसी ने हरी झंडी दी। गौरतलब है कि रक्षा उत्पाद और खरीद की बड़ी जरूरत को देखते हुए एनडीए सकार बजट में इस क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी करने का ऐलान पहले ही कर चुकी है।

सैन्य परिवहन विमान के निर्माण का फैसला ऐतिहासिक

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एचएएल के एकाधिकार को समाप्त करते हुए सरकार का 56 एवरो परिवहन विमानों के बदले लिए जाने वाले विमानों के मामले में देश के निजी क्षेत्र को मौका देने का फैसला काफी अहम है।

करीब ढाई अरब डालर के इस रक्षा सौदे में निजी क्षेत्र विमानों के निर्माण के लिए एक विदेशी हिस्सेदार को चुनेगा और वहां से 16 विमान तैयार हालत में खरीदने के बाद बाकी 40 विमानों का निर्माण भारत में टेक्नोलॉजी हस्तांतरण के तहत किया जाएगा।

परियोजना के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करने का निर्णय पिछले साल लिया गया था लेकिन इस पर तत्कालीन भारी उद्योग मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने आपत्ति करने पर पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने एक सदस्यीय कमेटी गठित कर दी थी। नई सरकार ने कानून मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद इस आपत्ति को किनारे कर दिया और मूल प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

इन अहम रक्षा सौदों को मिली मंजूरी

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इन रक्षा सौदों को मिली मंजूरी

:- 9000 करोड़ की लागत से पांच फ्लीट सपोर्ट पोत
:- 7000 करोड़ की लागत से 32 ध्रुव हेलीकाप्टर
:- 900 करोड़ की लागत से सर्च एवं रेस्क्यू उपकरण
:- 360 करोड़ की लागत से पांच फास्ट पेट्रोल वेसल
:- 2000 करोड़ की लागत से पांच ऑफशोर पेट्रोल वेसल
:- 13000 करोड़ की लागत से 56 परिवहन विमान

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