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बेटे की अय्याशी में रोड़ा बन गए थे दीपक भारद्वाज

Wed, 10 Apr 2013 08:32 AM IST
नई दिल्ली/पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली/पुरुषोत्तम वर्मा Updated Wed, 10 Apr 2013 08:32 AM IST
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Deepak Bhardwaj's murder before it was scheduled for March 31

नीतेश भारद्वाज पिता दीपक भारद्वाज को 31 मार्च के बाद जिंदा नहीं देखना चाहता था। वह हर हाल में पिता की 31 मार्च से पहले हत्या कराना चाहता था।

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पिता ने नीतेश को उसके कारोबार से दूर रहने के लिए धमका दिया और तीन से चार घंटे तक उसे डांटता रहता था।

दीपक भारद्वाज परिवार के सदस्यों के साथ जानवरों जैसा सलूक करता था। नीतेश ने पिता की हत्या के लिए पांच करोड़ रुपये की सुपारी तो दे दी थी, लेकिन उसके पास सिर्फ 50 लाख रुपये ही थे।
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दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार कारोबारी परिवार के हर सदस्य को 30-30 हजार रुपये खर्च के लिए देता था। इन पैसों से नीतेश की अय्याशी पूरी नहीं होती थी। कारोबारी परिवार के सदस्यों को पैसे रखने के लिए भी देता था, लेकिन हिदायतें दे रखी थीं कि उन पैसों को कोई खर्च नहीं करता।
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कुछ महीने पहले कारोबारी ने नीतेश को 50 लाख रुपये दिए थे और उसे धमकाया था कि वह इन पैसों को खर्च न करे। 31 मार्च के बाद इस रकम को प्रॉपर्टी में लगाना है। 31 मार्च को फाइनेंस ईयर खत्म हो जाएगा उसके बाद प्रॉपर्टी खरीदी जाएगी।

नीतेश को डर था कि 31 मार्च के बाद पिता इन पैसों को वापस ले लेंगे। ऐसे में वह चाहता था कि 31 मार्च से पहले उसके पिता की हत्या हो जाए। जब कारोबारी की हत्या में देरी हो रही थी तो नीतेश बौखला उठा और उसने वकील सेहरावत को पिता की जल्द हत्या कराने के लिए कहा।


नीतेश ने स्वामी और वकील के लिए इस बात की रैकी की थी कि उसके पिता की फार्महाउस में हत्या आसानी से की जा सकती है। उसने पिता के दिन के रुटीन के बारे में बदमाशों को पूरा बता दिया था।

यूके में नौकरी कर चुका है नीतेश


पिता की हत्या के आरोपी नीतेश ने पढ़ाई विदेश में की है। उसने इंग्लैंड से बीएससी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की पढ़ाई की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पढ़ाई के बाद उसने इंग्लैंड में पांच साल नौकरी की है। वापस आकर वह पिता के कारोबार में शामिल होना चाहता था, लेकिन पिता ने उसे कारोबार से दूर रहने के लिए धमका दिया था। नीतेश का कहना है कि उसके पिता अड़ियल किस्म के शख्स थे।

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