फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   decisions fo delhi cabinet

नौकरियों पर केजरीवाल का नया दांव

Wed, 29 Jan 2014 06:36 PM IST
Updated Wed, 29 Jan 2014 06:36 PM IST
विज्ञापन
decisions fo delhi cabinet

दिल्ली सरकार ने मंगलवार को दो अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) का नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट कराने का फैसला लिया गया है।

विज्ञापन


इसके अलावा अनुबंधित और अस्थायी कर्मचारियों की स्थायी भर्ती का रास्ता निकालने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बना दी।

कैबिनेट ने महिला सुरक्षा दल का फ्रेम तैयार करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाने का भी फैसला किया है। दिल्ली के सभी 272 वार्डों में गठित किए जाने वाले इस दल के पास कोई पुलिसिया अधिकार नहीं होंगे। सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

विज्ञापन

महिला सुरक्षा दल पर भी फैसला

decisions fo delhi cabinet

महिला सुरक्षा दल आम आदमी पार्टी के घोषणा पत्र का हिस्सा है। इस दल के गठन का रास्ता और फ्रेम तैयार करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति 15 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

कैबिनेट ने समिति को कहा है कि महिला सुरक्षा समिति के लिए सेवानिवृत सैन्य कर्मी और अन्य सेवाओं से सेवानिवृत कर्मियों की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया का भी प्रारूप तैयार करे।

कैबिनेट बैठक में दिल्ली लोकायुक्त कानून पर भी चर्चा हुई, लेकिन अभी विभागों से आई आपत्तियों और कानूनी पहलू परखने में देरी के कारण मंत्री मनीष सिसोदिया ने इसमें और विलंब की संभावना जताई है।

हालांकि शुक्रवार तक ड्राफ्ट को फाइनल रूप दिए जाने का संकेत दिया है। संभव है कि इस कानून को पास करने के लिए सरकार फरवरी के दूसरे सप्ताह में विशेष सत्र भी बुलाए।

लोकायुक्त कानून में उत्तराखंड की झलक दिखेगी

decisions fo delhi cabinet

दिल्ली लोकायुक्त कानून में उत्तराखंड की पूर्ववर्ती बीसी खंडूरी सरकार के लोकायुक्त की झलक दिखेगी।

कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उम्मीद है कि शुक्रवार तक प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसमें एक मुख्य लोकायुक्त समेत 11 लोकायुक्त के पद होंगे।

इनका चयन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति करेगी।

सर्च समिति कम से कम 33 नाम देगी। जिसमें से 11 का चयन होगा। लोकायुक्त के दायरे में चुने हुए प्रतिनिधि के अलावा सभी सरकारी कर्मचारी, सरकार का फंड लेने वाली संस्थाएं आएंगी।

विज्ञापन

डिम्ट्स के जरिए पूर्ववर्ती सरकार को घेरने की कोशिश

decisions fo delhi cabinet
डिम्ट्स, दिल्ली सरकार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी की पचास-पचास फीसदी की भागीदारी का संयुक्त उपक्रम है।

वर्ष 2007 में बनी इस कंपनी की कैग ऑडिट, आरटीआई के दायरे में लाने, बिना टेंडर काम देने, प्राइवेट या सरकारी कंपनी होने जैसे सवाल उठते रहे हैं।

ये बातें भी सामने आती रही हैं कि बीआरटी कॉरिडोर समेत जो प्रोजेक्ट भी परिवहन विभाग को दिए गए उसे सफलता नहीं मिली।

इसके कैग ऑडिट से जहां तमाम बातों का खुलासा होगा, वहीं इस फैसले को शीला दीक्षित और उनके मंत्रियों को घेरने से जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed