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पहले भी होता रहा है नेताओं के बयान पर बवाल

Sat, 10 Nov 2012 08:27 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 10 Nov 2012 08:27 AM IST
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 debate on leaders statement

भगवान राम को 'बुरा पति' बताकर आफत मोल लेने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और वकील राम जेठमलानी अकेले ऐसे नेता नहीं है, जिनके बयान पर बवाल हुआ हो, इससे पहले भी नेताओं के बयान पर बवाल होते रहे हैं। कुछ नेता जानबूझकर, तो कुछ अनजाने में ऐसी बात बोल जाते हैं जिससे बवाल मच जाता है। अभी बीते दिन ही नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री को 'मौनमोहन सिंह' क्या कहा, कि गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने मनमोहन को शेर और मोदी को बंदर बताते हुए कहा कि वह पेड़ पर चढ़कर ललकार सकता है, लेकिन शेर नहीं बन सकता।

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कुछ ऐसे नेता और उनके विवादित बयान-

अर्जुन मोढवाडिया

मोदी को बंदर कहने के बयान के बाद भाजप की ओर से दी गई प्रतिक्रिया में कहा गया था कि कांग्रेस लगातार मोदी का अपमान कर रही है और मोदी का अपमान गुजरात का अपमान है। मोदी ने इस बयान के बाद शुक्रवार को ही गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने ट्वीट करते हुए कहा, 'मोदी को सिंह कहे जाने पर गर्व करने वाले भाजपाई उन्हें बंदर कहे जाने को अपमान क्यों समझते हैं, बंदर तो भगवान राम के दूत थे तो क्या बंदर का अपमान राम का अपमान नहीं है।'
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नितिन गडकरी
इसी साल यूपी विधानसभा चुनाव में विरोधी दलों के नेताओं की तुलना गधे से करते हुए गडकरी ने कहा, इधर गधे उधर गधे, सब तरफ गधे ही गधे।अच्छे घोड़े को नहीं घास, गधे खा रहे च्यवनप्राश। उन्होंने मुलायम और मायावती पर निशाने साधते हुए उन्हें सोनिया गाधी का तलवा चाटने वाला बता दिया। इसके बाद संसद हमले का दोषी अफजल अफजल गुरु को काग्रेस का दामाद कह दिया।
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गडकरी की कॉमनवेल्थ घोटाले पर बोलते हुए ऐसी जुबान फिसली कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गाधी जी का बंदर करार दे दिया। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री की चुप्पी गाधी जी के बंदर की तरह है- बुरा मत बोलो, बुरा मत कहो, बुरा मत सुनो।

भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में चोरों, पॉकेटमारों को पार्टी में शामिल होने का न्यौता दे दिया। अब गडकरी ने देश के सबसे वाछित आतंकी दाऊद इब्राहिम के आईक्यू की तुलना महान संत स्वामी विवेकानंद से कर नए विवाद को जन्म दे दिया है। खैर इन्होंने कसम खा ली है, चाहे कुछ भी हो उनकी जुबान संभलने वाली नहीं है।

विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद
सलमान खुर्शीद द्वारा संचालित जाकिर हुसैन ट्रस्ट पर विकलागों का सरकारी पैसा खाने के आरोप से वह इतने तिलमिला गए कि सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल को अपने संसदीय क्षेत्र फर्रुखाबाद से न लौट पाने की धमकी दे डाली। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि वे खून का दरिया बहा देंगे।

अरविंद केजरीवाल

खुर्शीद के ट्रस्ट पर घोटाले के आरोप के बाद प्रधानमंत्री निवास के बाहर विकलागों के साथ प्रदर्शन करते हुए केजरीवाल ने पीएम को चोरों का सरदार बोल दिया और लोगों से पीएमओ का नंबर देते हुए आह्वान किया कि वहा वे फोन करें और जैसे ही फोन उठे चोर-चोर कहना शुरू कर दें।

नरेंद्र मोदी
हिमाचल प्रदेश में एक चुनावी रैली के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी ने मानव संसाधान राज्यमंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा को 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड कहकर बवाल मचा दिया। दरअसल, आईपीएल की कोच्चि टीम को लेकर विवाद को लेकर संसद में दिए गए यह बयान कि जिसके (सुनंदा) अकाउंट में 50 करोड़ रुपये हैं वह मेरी मदद क्यों लेगी। इस पर मोदी ने चुटकी ली थी। खैर इसपर उबाल तो आना ही था। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने मोदी को बंदर की उपमा दे दी। उन्होंने कहा, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।

सुब्रहमण्यम स्वामी

जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी पुराने जुबानफिसलू नेता हैं। इस बार उन्होंने एक अखबार की संपत्ति खरीदने के लिए काग्रेस पार्टी द्वारा राहुल गाधी और सोनिया गाधी को लोन दिए जाने का मामला उठाया। इस पर राहुल के बयान आने के बाद स्वामी ने उन्हें बुद्धू कह दिया।

बेनी प्रसाद वर्मा
बेनी बाबू के जुबान भी बराबर फिसलती रहती है। कभी वे कहते हैं, सलमान खुर्शीद जैसे मंत्री 71 लाख का घोटाला नहीं कर सकते, हां बड़ी रकम होती तो सोचा भी जा सकता था। तो कभी वे 2014 के आम चुनाव में यूपीए की वापसी न होने का दावा कर हलचल मचा देते हैं। एक बार तो बेनी प्रसाद ने तो यहां तक कह दिया कि केवल मुसलमान ही गरीब होते हैं?


श्रीप्रकाश जायसवाल
अपने जन्मदिन पर कानपुर में आयोजित कवि सम्मेलन के दौरान कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल की जुबान ऐसी फिसली कि वे तमाम महिला संगठनों के निशाने पर आ गए। उन्होंने कहा, नई-नई जीत और नई-नई शादी का अपना अलग महत्व होता है। जैसे-जैसे समय बीतता है, जीत पुरानी होती जाती है। जैसे जैसे समय बीतता जाता है पत्नी पुरानी होती जाती है। फिर वो मजा नहीं रहता।

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