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सलीम के तीखे तीरों से आहत हुए राजनाथ, बहस की बड़ी बातें

Mon, 30 Nov 2015 07:33 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 30 Nov 2015 07:33 PM IST
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debate on intolerance in loksabha

मुल्क को झकझोर रहे असहिष्णुता के मसले ने सोमवार को लोकसभा में भी हंगामा बरपा दिया। असहिष्णुता की बहस में हस्तक्षेप करने उठे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद मोहम्मद सलीम ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगाया। पूर्व में दिए गए हिंदुत्ववादी बयानों को उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से जोड़ दिया और कहा कि ये बयान उन्होंने दिए हैं। राजनाथ समेत सत्ता पक्ष के तमाम संसदों ने सलीम के बयान का तीखा विरोध किया।

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राजनाथ ने खड़े होकर कहा कि उन्होंने ये बयान दिया ही नहीं और सलीम से माफी मांगने को कहा। सलीम ने अपने बयान के समर्थन में एक मैगजीन पेश की, जिसकी रिपोर्ट में राजनाथ के हिंदुत्ववादी बयान का जिक्र था। हालांकि रिपोर्ट की प्रमाणिकता पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी सवाल उठाया। लोकसभा के नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने मोहम्मद सलीम के बयान को रिकॉर्ड से बाहर कर दिया।
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सलीम के बयान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हो रही तीखी नोंकझोंक के दरम्यान राजनाथ ने कहा कि वे अपने संसदीय कार्यकाल में कभी इतने आहत नहीं हुए, जैसे कि आज हुए।

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राजनाथ ने इस्तीफे की धमकी भी दे डाली

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राजनाथ ने कहा,'' मोहम्‍मद सलीम ने मेरे ऊपर गंभीर आरोप लगाया है। वे बताएं कि कब और कहां मैंने ऐसा कहा अन्यथा वे माफी मांगे। एक गृहमंत्री अगर ऐसा बयान देता है तो उसे पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।''

राजनाथ ने कहा, ''मैं अपना हर शब्द तौल कर बोलता हूं और सभी को पता है कि राजनाथ ऐसे बयान नहीं देते।'' हालांकि पत्रिका का हवाला देते हुए सलीम ने कहा कि राजनाथ ने हिंदुत्ववादी बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक बैठक में दिया।

जब बीजेपी के सांसदों ने सलीम से पूछा कि जब ये बयान दिया गया तो क्या सलीम संघ की बैठक में मौजूद थे। सलीम ने कहा, ''मुझे कभी ऐसा दुर्भाग्य नहीं हुआ कि मै आरएसएस की बैठकों में शामिल होऊं।"

सलीम के बयान पर सदन में हंगामा हो गया। संसदीय कार्य मंत्री (राज्य) राजीव प्रताप रूड़ी समेत ट्रीजरी बेंच के सदस्यों ने सलीम से बयान वापस लेने की मांग की। हालांकि दोनों पक्ष अपने रुख पर अड़े रह, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन स्‍थगित कर दिया।

रूड़ी ने कहा, ऐसे नहीं चल पाएगा सदन

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हालांकि सौगत रॉय ने, जो कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्य हैं और उनकी पार्टी और सीपीएम के रिश्ते बहुत ही तल्ख हैं, सलीम का साथ दिया। हंगामे के बीच सलीम ने पत्रिका के लेख को लोकसभा सचिव को सौंप दिया ओर उसकी प्रमाणिकता जांचने को कहा।

भाजपा सदस्यों ने सलीम से बयान वापस लेने को कहा तो उन्होंने कहा कि वे वहीं बोले हैं, जो पत्रिका में छपा था। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदस्यों से कह कि जांच होने तक बयान को रिकॉर्ड से बाहर रखा जाएगा।

बहस के बीच ही एक ऐसा समय भी आया, जब रूड़ी ने कि जब तक सलीम बयान वापस नहीं लेते सदन चलाना बहुत ही क‌ठिन हो जाएगा।

सलीम ने राजनाथ की तारीफ भी की

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सलीम ने अपनी सफाई में कहा कि वे राजनाथ सिंह पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं, और किसी प्रकार का आक्षेप भी नहीं लगा रहे हैं। वे केवल एक रिपोर्ट का जिक्र कर रहे हैं। सीपीएम के सदस्यों ने कहा कि गृहमंत्री और सरकार ने कभी इस रिपोर्ट पर खारिज नहीं किया।

अस‌हिष्‍णुता पर हो रही बहस के बीच ही मोहम्‍मद सलीम ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह मोदी सरकार के पहले ऐसे सदस्य थे, जिन्होंने दादरी दुर्घटना की निंदा की थी।

अपने बयान पर माफी मांगने के मसले पर सलीम ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष बयान क प्रामणिकता जांचने तक उसे रिकॉर्ड से बाहर रखें, लेकिन वे माफी नहीं मांगेगे। बीजू जनता दल के बी महताब ने सत्ता पक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी मंत्री या सदन के सदस्य पर बिना पूर्व नोटिस के आरोप नहीं लगाया जा सकता।

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